Edition

सीएम योगी का बलरामपुर को बड़ा तोहफा, ₹803 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

बलरामपुर
 अपने दो दिवसीय दौरे पर बलरामपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन सुबह शक्ती पीठ देवी पाटन मंदिर के गर्भ गृह में आदि शक्ती मां पाटेश्वरी देवी का दर्शन पूजन किया। सीएम ने मंदिर परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ गौशाला में गोवंशो को हरा चारा और गुड़ खिलाया। उन्होंने मां के पांव पखारे, आरती उतारी और गोसेवा करके प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

रविवार को सीएम योगी की दिनचर्या की शुरुवात पूजा पाठ से हुई। सीएम सुबह आठ बजे शक्ती पीठ देवी पाटन मंदिर के गर्भ गृह में पहुंचे। मंदिर के पीठाधीश्वर मिथिलेश नाथ योगी व अन्य पुजारियों ने सीएम को पूजा पाठ कराया। इस दौरान सीएम ने बलरामपुर को विकास के क्षेत्र में रोल मॉडल बनाने और जिले की सुरक्षा एवं तरक्की के संकल्प को दोहराया। इसके बाद सीएम ने मंदिर परिसर का भ्रमण किया। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सीएम ने कहा कि नवरात्रि पर शक्ति पीठ पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। इसका विशेष ख्याल रखा जाए। मंदिर परिसर में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने मंदिर के सूर्यकुंड व थारू जनजाति छात्रावास का भी जायजा लिया। सीएम ने हर बार की तरह इस बार भी मंदिर के गौशाला में जाकर गोवंशों को हरा चारा व गुण खिला कर उनका दुलार किया। सीएम कई अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। इस दौरान शक्तिपीठ और उसके आसपास पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मौके पर जिले के जनप्रतिनिधि व आला अधिकारी मौजूद थे।

बलरामपुर को 803 करोड़ की सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले को 803 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। शनिवार को हुए कार्यक्रम के दौरान विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इन विकास परियोजनाओं से सदर और उतरौला विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। परियोजनाओं के माध्यम से जिले में विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

सीएम योगी ने कहा कि बलरामपुर में विकास की अपार संभावनाएं हैं। जिले को विकसित क्षेत्र के रूप में स्थापित करने के लिए युवाओं को शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने होंगे। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम तैयार कर रहा है। अन्य विभागों को भी इसी दिशा में काम करना चाहिए, ताकि युवाओं को उनकी रुचि और जरूरत के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!