Edition

फॉर्म में थे वैभव फिर भी बैठे रहे बाहर, गौतम गंभीर ने संजू-अभिषेक का नाम लेकर बताई वजह

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नई दिल्ली
भारतीय क्रिकेट में टैलेंट की कोई कमी नहीं है लेकिन सही समय पर सही मौका मिलना ही किसी खिलाड़ी का भविष्य तय करता है। 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर कदम रखकर इतिहास रचने वाले वैभव सूर्यवंशी इन दिनों लगातार चर्चा में हैं। हाल ही में भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर खुलकर बात की और यह साफ किया कि शानदार फॉर्म में होने के बावजूद इस युवा खिलाड़ी को अपनी बारी के लिए इंतजार क्यों करना पड़ा।

वैभव ने मचाया धमाल
वैभव ने इस साल की शुरुआत में सबसे कम उम्र में डेब्यू का रिकॉर्ड बनाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 डेब्यू कर सचिन तेंदुलकर के सालों पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया और बाद में जिम्बाब्वे के खिलाफ अर्धशतक जड़कर इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी बनाने वाले बल्लेबाज भी बने। हालांकि, अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज और फिर एशिया कप के शुरुआती मैचों में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली जिसको लेकर काफी सवाल उठ रहे थे।

गौतम गंभीर ने दी सफाई
गंभीर ने बाहर बैठने की इस वजह को साफ करते हुए स्पष्ट किया कि सिर्फ अच्छी फॉर्म में होना ही टीम में जगह मिलने की गारंटी नहीं होता। टीम मैनेजमेंट और लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे अनुभवी खिलाड़ियों को सुरक्षा देना पहली प्राथमिकता होती है। गंभीर ने कहा, 'यह मेरे लिए भी एक नया अनुभव था। हां, वह बहुत अच्छी फॉर्म में थे लेकिन मैंने उन्हें समझाया कि कई बार ऐसे खिलाड़ियों की वजह से आपको अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है जिन्होंने लंबे समय से टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है। और एक बात साफ है सोशल मीडिया या बाहर का शोर यह तय नहीं करता कि प्लेइंग इलेवन क्या होगी।'

संजू या अभिषेक को बाहर करना मुश्किल
कोच ने टीम में सीनियर खिलाड़ियों की भूमिका और ड्रेसिंग रूम के माहौल को बनाए रखने पर जोर दिया। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए गंभीर ने कहा कि जिन खिलाड़ियों ने पिछले डेढ़-दो साल में प्रभाव डाला है उन्हें तीन-चार नाकामियों के आधार पर बाहर नहीं बैठाया जा सकता। गंभीर ने कहा, 'अगर वैभव आज खेलते हैं तो यह मेरे और उस खिलाड़ी के बीच एक कठिन बातचीत होगी जिसे हम बाहर बैठाएंगे चाहे वह अभिषेक हों या संजू। इसलिए हम उस कॉम्बिनेशन को अचानक नजरअंदाज नहीं कर सकते जिसने पिछले डेढ़ या दो साल में इतना प्रभाव डाला है। हम ड्रेसिंग रूम में वह सुरक्षा का माहौल बनाना चाहते हैं।'

एशियन गेम्स में खेली शानदार पारी
मौका मिलने पर वैभव ने खुद को फिर साबित किया। एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में श्रीलंका के खिलाफ वापसी करते हुए उन्होंने 21 गेंदों में 38 रनों की अहम पारी खेली। इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मुकाबले में भी 9 गेंदों पर 15 रन बनाकर टीम की जीत में अपना योगदान दिया जिसकी बदौलत भारत ने 19 रनों से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!