Edition

पंजाब के 3602 सरकारी स्कूलों को मिलेंगे नए संसाधन, सरकार ने जारी किए 80 करोड़ से ज्यादा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

चंडीगढ़
 पंजाब के सरकारी स्कूल अब एक जैसे तय रंगों में नजर आएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 3602 सरकारी स्कूलों में व्हाइटवाश, पेंट और कलर कोडिंग कराने के लिए 80 करोड़ 45 लाख 40 हजार रुपये की राशि जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

खास बात यह है कि विभाग ने केवल रंग-रोगन कराने तक ही निर्देश सीमित नहीं रखे हैं, बल्कि स्कूल की हर दीवार पर कौन सा रंग होगा, कितनी परतें लगेंगी और सामग्री की खरीद से लेकर भुगतान तक का हिसाब कैसे रखा जाएगा, यह भी तय कर दिया है।

एक अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार यह राशि ईडीएस-53 ‘कन्वर्टिंग गवर्नमेंट स्कूल्स इनटू स्मार्ट स्कूल’ योजना के तहत दी जा रही है। इसके तहत 764 सीनियर सेकेंडरी, 411 हाई, 1895 मिडिल और 532 प्राइमरी स्कूलों में काम होगा। कुल 67.04 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में व्हाइटवाश और पेंट कराया जाएगा। विभाग ने प्रति वर्ग फुट 12 रुपये की दर से खर्च का अनुमान लगाया है।

अमृतसर में सबसे ज्यादा स्कूल, लुधियाना में सबसे ज्यादा राशि
जिलेवार देखें तो अमृतसर में 334 स्कूलों को इस योजना में शामिल किया गया है। यहां करीब 6.13 करोड़ रुपये खर्च होंगे। लुधियाना के 261 स्कूलों के लिए सबसे अधिक 7.50 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

गुरदासपुर के 240 स्कूलों पर 5.89 करोड़, जालंधर के 231 स्कूलों पर 6.05 करोड़ और होशियारपुर के 236 स्कूलों पर 5.23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पटियाला के 326 स्कूलों के लिए 4.88 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

सिर्फ सफेदी नहीं, रंग भी सरकार ने तय किया
विभाग ने स्कूलों के लिए रंगों की पूरी कोडिंग तय की है। कमरों के अंदर तीन फुट तक एनामेल पेंट ब्रॉन्ज मिस्ट और इसके ऊपर सेन ओट्स रंग कराया जाएगा।

बरामदे, कोरिडोर और गलियारे में तीन फुट तक रैप्सोडी और ऊपर एग कस्टर्ड रंग होगा। दरवाजों और खिड़कियों पर गोल्डन ब्राउन पेंट के कम से कम दो कोट करने होंगे। बाहरी दीवारों पर वेदर प्रूफ पेंट लगाने के निर्देश हैं।

पुरानी दरार और लीकेज पहले ठीक होगी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि पेंटिंग से पहले दीवारों की दरारें भरने और लीकेज ठीक करने का काम होगा। पुराने रंग को रगड़कर साफ करने, पुट्टी और प्राइमर लगाने के बाद कम से कम दो कोट पेंट करने होंगे। आईएसआई मार्क वाली सामग्री खरीदना अनिवार्य किया गया है।

एसएमसी प्रस्ताव के बिना काम नहीं
काम शुरू करने से पहले जेई से संपर्क और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का प्रस्ताव जरूरी होगा। खरीदी गई सामग्री का स्टाक रजिस्टर, अकाउंट रजिस्टर, लेजर और कैशबुक अपडेट करनी होगी।

विभाग ने साफ किया है कि जारी राशि का इस्तेमाल केवल व्हाइटवाश और पेंटिंग के लिए ही किया जाए। जिस स्कूल में पहले से यह काम हो चुका है, वहां की राशि मुख्यालय की मंजूरी के बाद दूसरे जरूरतमंद स्कूल को दी जा सकती है। निर्माण कार्य चल रहे स्कूलों में सिविल वर्क पूरा होने के बाद ही रंग-रोगन शुरू होगा।

 

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!