Edition

आंगनवाड़ी और पीएम आवास में देरी पर कमिश्नर सख्त, सतना के जिला कोऑर्डिनेटर का वेतन रोकने के निर्देश….

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

 

रीवा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक में रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर अधिकारियों को समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने शेष आंगनवाड़ी भवनों और शौचालयों का निर्माण 31 अक्टूबर तक पूरा कराने को कहा। निर्माण में अनावश्यक देरी से शासन की राशि प्रभावित होने की बात कहते हुए उन्होंने अधिकारियों को लापरवाही से बचने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण की समीक्षा के दौरान सतना जिले में आवास निर्माण की धीमी प्रगति सामने आई। कई आवासों के अपूर्ण होने पर कमिश्नर ने नाराजगी जताई। उन्होंने जिला पंचायत सतना की मुख्य कार्यपालन अधिकारी को संबंधित जिला कोऑर्डिनेटर का इस माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने कहा कि निर्धारित समय में आवास पूर्ण नहीं कराने वाले जिला और ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अधूरे आवासों की राशि की वसूली भी की जाएगी। तीसरी किस्त मिलने के बाद भी आवास पूरा नहीं करने वाले हितग्राहियों से नियमानुसार राशि की रिकवरी के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने जनपद पंचायतों के सीईओ को निर्माण सामग्री बल्क में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि लागत नियंत्रण में रहे और आवास निर्माण तेजी से पूरा हो सके।

आजीविका मिशन की समीक्षा में कमिश्नर ने समूहों से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने मसाला, अचार, पापड़, मिर्च, धनिया और हल्दी जैसे समूह उत्पादों की मार्केटिंग बढ़ाने तथा इनका उपयोग मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम में करने के निर्देश दिए। रीवा के स्कूलों में समूहों के उत्पादों का उपयोग नहीं किए जाने पर संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। रसोइयों के मानदेय का भुगतान समय पर करने के लिए भी कहा गया।

नल-जल योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि 366 योजनाएं संचालित हैं, जबकि 8 बंद हैं और 28 योजनाएं पंचायतों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं। कमिश्नर ने 31 दिसंबर से पहले शेष कार्य पूरे कर योजनाएं ग्राम पंचायतों को हैंडओवर करने के निर्देश दिए। पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों का रेस्टोरेशन नहीं करने वाले ठेकेदारों से अनिवार्य रूप से सड़क सुधार कराने को कहा गया।

सुगम संपर्क परियोजना के तहत बारिश समाप्त होने के बाद ग्रामीण सड़कों का निर्माण शुरू कराने और अधिकारियों को मौके पर जाकर कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए। पंचायत एवं सामुदायिक भवन, गौशाला, एक बगिया मां के नाम, मत्स्य पालन और ओएसआर ऑनबोर्डिंग की भी समीक्षा की गई। गौशालाओं में बिजली संभव नहीं होने पर सोलर लाइट, पशुओं के लिए पानी और चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

कमिश्नर ने मुख्यमंत्री सेवा संकल्प सेतु अभियान के तहत 3 अक्टूबर को ग्राम पंचायतों और 4 अक्टूबर को नगरीय निकायों में शिविर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविरों का उद्देश्य आमजन को अधिक से अधिक शासकीय सेवाओं और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना होना चाहिए।

स्कूलों में शौचालय स्वच्छता के लिए वाओ एप के उपयोग की समीक्षा करते हुए सभी प्राचार्यों को एप डाउनलोड कराने और स्वच्छता साथियों के माध्यम से सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्वच्छता साथियों की आय बढ़ाने के प्रयास करने को कहा गया।

बैठक में संयुक्त आयुक्त वीरेंद्र पटेल, डिप्टी कमिश्नर दिव्या त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। सभी जिला पंचायतों और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऑनलाइन बैठक से जुड़े।

Amit Mishra
Author: Amit Mishra

Group Editor, Rewanchal Roshni News Group

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!