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‘स्टूडेंट वीजा वाले गुंडों को डिपोर्ट करो’, कनाडा MP का बयान

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चंडीगढ़.

कनाडा में लॉरेंस गैंग को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। गैंग की ओर से कनाडा में राज करने की कथित धमकी वाला पत्र सामने आने के बाद सांसद ब्रैड विस ने गैंग के खिलाफ कार्रवाई की मांग को फिर से प्रमुखता से उठाया है।

उन्होंने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर एक वीडियो जारी किया है, जिसमें कनाडा में हुई गोलीबारी की 10 घटनाओं के फुटेज दिखाए गए हैं। वीडियो में शूटर मशीनगन से गोलियां चलाते नजर आ रहे हैं। सांसद ने कनाडा सरकार से मांग की है कि लॉरेंस गैंग से जुड़े ऐसे लोगों की तत्काल पहचान की जाए, जो छात्र वीजा अथवा किसी अन्य अस्थायी अनुमति के आधार पर कनाडा में रह रहे हैं। उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति का आपराधिक गिरोह से संबंध सामने आता है और वह कनाडा में रहने का कानूनी अधिकार खो देता है तो इमिग्रेशन कानून के तहत उसे देश से बाहर किया जाना चाहिए।

पंजाब से संचालित नेटवर्क बताया
ब्रैड विस ने लॉरेंस गैंग को मुख्य रूप से पंजाब से संचालित होने वाला आपराधिक नेटवर्क बताया। उन्होंने गैंग पर जबरन वसूली, गोलीबारी और धमकियां देने के आरोप लगाए। सांसद के अनुसार, उनके गृह नगर में कारोबारियों को 10 लाख कनाडाई डॉलर तक की रंगदारी मांग वाले पत्र मिले। मांग पूरी नहीं करने पर परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां भी दी गईं। उन्होंने दावा किया कि कनाडा सरकार ने 29 सितंबर 2025 को लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया था। अब उनकी मांग इस सूचीबद्धता के बाद इमिग्रेशन और कानून-व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों को सख्ती से लागू करने की है।

कारोबारियों को धमकी का भी दावा
सांसद ने कहा कि कनाडा के रक्षा मंत्री और देशभर की पुलिस को भेजे गए एक कथित पत्र में गैंग ने खुद को भारतीय गैंग बताते हुए कनाडा में उसके खिलाफ कार्रवाई को चुनौती दी। उनके अनुसार पत्र में हिंसा जारी रखने, पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने और कारोबारियों से जबरन वसूली की धमकी दी गई।

सीबीएसए और आरसीएमपी को कार्रवाई का अधिकार देने की मांग
ब्रैड विस ने कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (सीबीएसए) और रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) को गैंग से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष अधिकार देने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्र वीजा या अन्य अस्थायी वीजा पर कनाडा पहुंचे और बाद में आपराधिक नेटवर्क से जुड़े लोगों के मामलों में इमिग्रेशन कानून का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

100 से अधिक रंगदारी मामलों का उल्लेख
कनाडा की वित्तीय खुफिया एजेंसी फिनट्रैक की अप्रैल 2026 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सांसद ने कहा कि दक्षिण एशियाई समुदाय को निशाना बनाकर जबरन वसूली के 100 से अधिक मामले सामने आए। रिपोर्ट में 300 से अधिक संदिग्धों और करीब 63 हजार संदिग्ध लेनदेन का उल्लेख होने की बात कही गई है। अल्बर्टा, ब्रिटिश कोलंबिया और ओंटारियो में कारोबारियों के घरों पर आगजनी और गोलीबारी की घटनाओं का भी जिक्र किया गया है।

रेस्टोरेंट और कैफे पर फायरिंग के मामले
कनाडा में इस नेटवर्क से जुड़े होने के दावे वाले कई हमलों का भी सांसद ने उल्लेख किया। अक्टूबर 2025 में सरे में एक भारतीय रेस्टोरेंट संचालक के कई ठिकानों पर गोलीबारी हुई थी। इंटरनेट मीडिया पर गैंग से जुड़े बताए गए गोल्डी ढिल्लों ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। सरे स्थित कामेडियन कपिल शर्मा के कैप्स कैफे पर जुलाई से अक्टूबर 2025 के बीच तीन बार गोलीबारी की घटनाएं हुईं। इन हमलों की जिम्मेदारी भी गैंग से जुड़े शूटरों द्वारा लेने का दावा सामने आया था। इसके अलावा कनाडा में दक्षिण एशियाई मूल के कारोबारियों, राजनेताओं और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को कथित रंगदारी के लिए निशाना बनाए जाने के मामले भी जांच एजेंसियों के सामने आए हैं। एडमंटन, कैलगरी और ओंटारियो में कुछ घरों पर गोलीबारी और आगजनी की घटनाओं की जिम्मेदारी इंटरनेट मीडिया पर गैंग से जुड़े हैंडलर्स द्वारा लेने के दावे भी किए गए हैं।

Aditya
Author: Aditya

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