ढाई वर्ष बाद बड़े मंच से शक्ति प्रदर्शन, विंध्य प्रदेश और जनसमस्याओं के मुद्दे पर कार्यकर्ताओं में भरा उत्साह……
मैहर। मैहर विधानसभा की राजनीति में पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी की सक्रियता एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। विधानसभा चुनाव के लगभग ढाई वर्ष बाद अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे त्रिपाठी ने स्पष्ट संकेत दिए कि वे क्षेत्र की राजनीति में पूरी सक्रियता के साथ लौट चुके हैं। उनके संबोधन से यह संदेश भी उभरकर सामने आया कि आने वाले समय में वे मैहर की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की तैयारी कर रहे हैं।
सभा को संबोधित करते हुए नारायण त्रिपाठी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अब उन्हें सलाह की नहीं, बल्कि साथ की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि जनता और कार्यकर्ताओं का समर्थन मिला तो क्षेत्र में नया इतिहास रचा जाएगा। उन्होंने अपने समर्थकों से गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।
पूर्व विधायक ने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि मैहर को जिला बनाने की लड़ाई आसान नहीं थी। उस समय भी कई लोगों ने इसे असंभव बताया था, लेकिन लगातार संघर्ष और जनसमर्थन के बल पर यह सपना साकार हुआ। उन्होंने दावा किया कि जिस प्रकार मैहर जिला बना, उसी तरह विंध्य प्रदेश की मांग को लेकर भी व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
सभा में उन्होंने विंध्य प्रदेश के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक मांग नहीं, बल्कि क्षेत्र की पहचान, विरासत और विकास से जुड़ा विषय है। उन्होंने समर्थकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की और आगामी कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।
नारायण त्रिपाठी ने मैहर जिले के विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के गठन के बाद अपेक्षित विकास नहीं हुआ और विभिन्न स्तरों पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों और भ्रष्टाचार के आरोपों पर उनकी नजर बनी हुई है तथा वे जनता की आवाज उठाने का कार्य जारी रखेंगे।
राजनीतिक संकेत भी स्पष्ट
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ढाई वर्ष बाद इस प्रकार का बड़ा जनसंपर्क कार्यक्रम और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की पहल आगामी चुनावी समीकरणों की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि वे भविष्य में किस राजनीतिक मंच या रणनीति के साथ आगे बढ़ेंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन उनकी बढ़ती सक्रियता ने मैहर विधानसभा की राजनीति में नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है।
सभा के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला और समर्थकों ने इसे क्षेत्रीय राजनीति में नए दौर की शुरुआत के रूप में प्रस्तुत किया। फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में मैहर की राजनीति में नारायण त्रिपाठी की भूमिका और अधिक सक्रिय दिखाई दे सकती है।









