मैहर। समय-सीमा और जन शिकायतों के निराकरण में लापरवाही को लेकर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने बुधवार को अधिकारियों के प्रति सख्त रुख अपनाया। कलेक्टर कार्यालय सभागार में आयोजित टीएल बैठक में उन्होंने विभागवार लंबित मामलों, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों और शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर ने 100 दिन से अधिक पुरानी शिकायतों का अगली टीएल बैठक से पहले अनिवार्य रूप से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों को केवल औपचारिकता के तौर पर बंद करने के बजाय संतोषजनक निराकरण कर पोर्टल पर स्पष्ट जवाब दर्ज किया जाए।
समीक्षा के दौरान 500 और 1000 दिन से लंबित शिकायतों को लेकर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि अगली बैठक तक ऐसी शिकायतों का निराकरण नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के वेतन में कटौती की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में एएनसी रजिस्ट्रेशन सहित स्वास्थ्य सेवाओं के निर्धारित मानकों की स्थिति की जानकारी ली गई और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए। इसी दौरान कार्य में लापरवाही पाए जाने पर बीएमओ अमरपाटन को निलंबित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने बैठक से अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के साथ इसकी जानकारी संभागायुक्त रीवा को भेजने के लिए कहा गया। बैठक में एडीएम रोशन राय, एसडीएम दिव्या पटेल सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे।
जन शिकायतों के समयबद्ध निराकरण और विभागीय कार्यों की लगातार समीक्षा को लेकर कलेक्टर का यह सख्त रुख प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।