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अतिवृष्टि-बाढ़ से नुकसान पर 100 करोड़ की राहत की मांग, किसान कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन..

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सतना में बाढ़ से नुकसान पर 100 करोड़ की राहत की मांग, किसान कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन…

सतना। जिले में भारी बारिश और बाढ़ से फसलों, मकानों और जनजीवन को हुए नुकसान की भरपाई की मांग को लेकर जिला किसान कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को रैली निकाली। रैली के बाद किसान कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के नाम एसडीएम राहुल सिलाडिया को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने सतना जिले के बाढ़ और अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों के लिए कम से कम 100 करोड़ रुपए की राहत राशि स्वीकृत करने की मांग की।

किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष पांडेय ने कहा कि लगातार बारिश और बाढ़ के कारण जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक असर चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिला है, जहां बाढ़ के कारण किसानों और ग्रामीण परिवारों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।

खरीफ की फसलों को भारी नुकसान

किसान कांग्रेस के मुताबिक, कई दिनों तक हुई बारिश और बाढ़ के कारण उड़द, मूंग, अरहर, तिली, सोयाबीन और धान समेत कई खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचा है। खेतों में पानी भरने और फसलें खराब होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वहीं, बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई मकानों के क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित परिवारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

संगठन ने मांग की कि प्रभावित गांवों में फसलों और मकानों समेत अन्य नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए। किसानों को फसल बीमा योजना और आरबीसी एक्ट के प्रावधानों के तहत मुआवजा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।

7,198 मामले मंजूर, सहायता राशि पर उठाए सवाल

ज्ञापन में किसान कांग्रेस ने शासन के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि अब तक 7,198 मामले मंजूर किए गए हैं। संगठन का दावा है कि कई प्रभावित परिवारों को अधिकतम पांच हजार रुपए तक की सहायता मिल रही है, जबकि वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक है।

किसान कांग्रेस ने मांग की कि सतना जिले को अतिवृष्टि और बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए कम से कम 100 करोड़ रुपए की राहत राशि उपलब्ध कराई जाए।

फसल नुकसान का सर्वे कर शत-प्रतिशत मुआवजे की मांग

ज्ञापन के माध्यम से उड़द, मूंग, अरहर, तिली, धान और सोयाबीन सहित प्रभावित फसलों का सर्वे कराकर किसानों को शत-प्रतिशत मुआवजा देने की मांग की गई। इसके अलावा बारिश और बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को एक लाख रुपए की सहायता देने की मांग भी रखी गई।

मंदाकिनी नदी का सीमांकन कराने की मांग

चित्रकूट क्षेत्र में बाढ़ की समस्या को लेकर किसान कांग्रेस ने मंदाकिनी नदी का सीमांकन कराने और नदी क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण को हटाने की मांग की। संगठन ने अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी ज्ञापन में शामिल की।

किसान कांग्रेस ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को मकान और अन्य संपत्ति के नुकसान के लिए अलग से राहत राशि दी जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक मदद मिल सके।

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Kishan Gupta
Author: Kishan Gupta

journalist

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