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पंजाब में बड़ा बदलाव, 80 साल पुराने 2 कानूनों का पंजाबी में होगा इस्तेमाल

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चंडीगढ़.

पंजाब में सरकारी कामकाज और कानूनी प्रक्रियाओं में पंजाबी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। डिपार्टमेंट ऑफ लीगल एंड लेजिस्लेटिव अफेयर्स ने पंजाब होम गार्ड्स एक्ट, 1947 और पंजाब लोकल अथॉरिटीज (एडेड स्कूल्स) एक्ट, 1959 के पंजाबी पाठ को आधिकारिक कानूनी मान्यता दे दी है।

दोनों कानूनों के अधिकृत पंजाबी पाठ को सरकारी गजट में प्रकाशित किया गया है। इससे इन कानूनों को समझने और इनके आधार पर विभागीय कार्यवाही करने में पंजाबी का इस्तेमाल आसान होगा। करीब आठ दशक पुराने होम गार्ड्स कानून और छह दशक से अधिक पुराने एडेड स्कूल्स कानून का अब तक अधिकृत पंजाबी पाठ उपलब्ध नहीं था। कानूनों के प्रामाणिक संदर्भ के लिए अंग्रेजी पाठ पर ही निर्भरता रहती थी। इससे विशेष रूप से उन कर्मचारियों, शिक्षकों और अन्य लोगों के लिए परेशानी होती थी, जिन्हें सरकारी या कानूनी प्रक्रिया में अंग्रेजी की जटिल शब्दावली का सामना करना पड़ता था।

गजट में प्रकाशन के बाद मिला कानूनी दर्जा
पंजाब ऑफिशियल लैंग्वेज एक्ट, 1967 की धारा 6-ए के तहत इन दोनों कानूनों के पंजाबी अनुवाद को गजट में प्रकाशित किया गया है। इसके बाद यह केवल समझने के लिए तैयार किया गया सामान्य अनुवाद नहीं रहेगा, बल्कि अधिकृत कानूनी पाठ के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। विभागों और संबंधित संस्थानों में कानून की धाराओं को पंजाबी में समझने के लिए इसका आधिकारिक रूप से सहारा लिया जा सकेगा।

कानून की मूल व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं
सरकार के इस कदम से दोनों कानूनों की मूल कानूनी व्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। कानून में निर्धारित अधिकार, दायित्व, प्रावधान या अन्य वैधानिक व्यवस्थाएं पहले की तरह ही लागू रहेंगी। बदलाव मुख्य रूप से कानून के अधिकृत पंजाबी पाठ को उपलब्ध कराने से जुड़ा है।

Aditya
Author: Aditya

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