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CSP नेहा पच्चीसिया समेत 3 पर वारंट जारी, गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेशी के निर्देश

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कटनी
 निलंबित फरा
र सीएसपी नेहा पच्चीसिया सहित दो अन्य आरोपितों के खिलाफ जिला न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। मामले की जांच और गिरफ्तारी का प्रयास कर रही एसआईटी ने जिला न्यायालय में निलंबित सीएसपी सहित उनके सहयोगी क्षितिज राज और मारूफ अहमद के खिलाफ मियादी वारंट जारी करने को लेकर आवेदन दिया था।

शुक्रवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मनीषा जैन तिवारी की अदालत ने तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं और  25 सितंबर तक की मियाद निर्धारित की है। निर्धारित तिथि तक न्यायालय ने पुलिस को तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए हैं।

भ्रष्टाचार और हत्यारोपित को बचाने के गंभीर आरोप
निलंबित सीएसपी सहित तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार, हत्या के आरोपितों को बचाने साजिश करने और करोड़ों की जमीन को दवाब बनाकर महज 18 लाख रुपये में अपने नाम करा लेने का आरोप है। तीनों ने जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत अर्जी लगाई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था।

आरोपितों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने के साथ पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने गिरफ्तारी पर दस हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है और एक माह का समय बीतने तक पुलिस तीनों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

हाईकोर्ट में भी चल रही सुनवाई
इधर निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया से संबंधित मामला हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ में भी विचाराधीन है। उनकी ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने अगली सुनवाई से पहले जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

मामले में 21 सितंबर को अगली सुनवाई प्रस्तावित है, जिसमें याचिकाकर्ता की ओर से मांगी गई अंतरिम राहत पर विचार किया जाना है। मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा का कहना है कि कुठला थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध के मामले में जिला न्यायालय ने तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं।

1 करोड़ की जमीन महज 15 से 20 लाख रुपये में खरीदी गई
इसके एवज में उन्होंने आरोपियों की जमीन बहुत कम दर में अपने एजेंट के नाम पर खरीदी है. उक्त जमीन मारूफ अहमद हनफी के नाम पर खरीदी गई थी. जबकि उसके बैंक खाते में जमीन खरीदने से पहले महज कुछ हजार रुपये थे. मारूफ के बैंक खाते में क्षितिज राज पात्रे ने राशि ट्रांसफर की थी, जिसके बाद एक करोड़ रुपये की जमीन को महज 15 से 20 लाख रुपये में खरीदी गयी थी. विभागीय स्तर पर जांच के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था। 

निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया तथा क्षितिज राज पात्रे ने अग्रिम जमानत के लिए जिला न्यायालय में आवेदन दायर किया था. जिला न्यायालय द्वारा आवेदन खारिज किये जाने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी. याचिका की सुनवाई के दौरान उनकी तरफ से दर्ज एफआईआर पर रोक लगाये जाने की मांग करते हुए आवेदन दायर किया गया था. एकलपीठ ने आवेदन पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखने का आदेश जारी किया है।  

Aditya
Author: Aditya

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