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किराये पर मकान-दुकान लेना या देना होगा आसान

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किराये पर मकान-दुकान लेना या देना होगा आसान

दो लाख रुपये तक के सालाना किराये पर 1,000 रुपये और छह लाख रुपये तक सालाना किराये पर 3,000 रुपये शुल्क

10 लाख रुपये तक सालाना किराये पर 4,500 रुपये शुल्क

लखनऊ,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में प्रदेश में किरायेदारी व्यवस्था को आसान बनाने के लिए अहम फैसला लिया गया। सालाना 10 लाख तक के किराए पर यह बदलाव किया गया है। 10 वर्ष तक की अवधि के किरायेदारी/पट्टा विलेखों पर प्रभावी स्टांप शुल्क एवं पंजीयन फीस में छूट को संशोधित करते हुए शुल्क व्यवस्था को सरल और किफायती बनाया गया है। इससे मकान, दुकान या गोदाम किराये पर लेने-देने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।

स्टांप तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि अभी किसी व्यक्ति द्वारा मकान, दुकान या गोदाम किराये पर देने अथवा लेने पर स्टांप शुल्क की गणना सर्किल रेट के आधार पर होती थी। इससे किरायानामा तैयार कराकर उसका पंजीयन कराने में लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता था। योगी सरकार ने अब इस व्यवस्था को सरल करते हुए निर्धारित शुल्क की व्यवस्था की है। इसके तहत दो लाख रुपये तक की सालाना किराया राशि पर 1,000 रुपये, छह लाख रुपये तक 3,000 रुपये और 10 लाख रुपये तक 4,500 रुपये वार्षिक शुल्क निर्धारित किया गया है।

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Author: Aditya

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