Edition

ग्रामीण विकास उपविधि 2026 का ड्राफ्ट तैयार, नक्शा शुल्क में बड़ा बदलाव प्रस्तावित

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

लखनऊ
जिला पंचायतों में नक्शा पास करने पर अधिक शुल्क लिए जाने पर आपत्ति जताई गई है। पंचायती राज विभाग नक्शा पास करने के लिए नई भवन निर्माण विकास उपविधि का प्रारूप तैयार करते हुए इस पर सुझाव मांगे हैं। इसमें ज्यादा विकास शुल्क लेने के प्रस्ताव पर आपत्ति है। पिछड़े व बाढ़ प्रभावित जिलों में विकास शुल्क न्यूनतम रखे जाने की मांग की गई है।पंचायती राज विभाग ने इसे लागू करने से पहले हितधारकों बिल्डर, आर्किटेक्ट, जिला पंचायतों व शासन के अधिकारियों से विचार-विमर्श किया। प्रमुख सचिव, पंचायती राज अनिल कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में बिल्डर व आर्किटेक्ट ने कहा कि जिला पंचायतों का विकास शुल्क अधिक है और इसे कम किया जाए।

पिछड़े व बाढ़ प्रभावित जिलों में इसे न्यूनतम रखा जाए। फिलहाल शासन ने मंगलवार तक उन्हें सुझाव देने का समय दिया है। वहीं जिला पंचायतों से गुजरने वाले एक्सप्रेसवे व स्टेट हाईवे जो विकास प्राधिकरणों, नगर निगम व नगर पालिका परिषद की सीमा से तीन किलोमीटर के दायरे में जिला पंचायतों के क्षेत्र में आएंगे, वहां 25 प्रतिशत अधिक विकास शुल्क वसूला जाएगा। वहीं इस उपविधि के अनुसार प्रदेश के जिलों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। ए श्रेणी के जिलों में 750 प्रतिशत वर्ग मीटर, श्रेणी दो के जिलों में 500 रुपये व श्रेणी तीन के जिलों में 250 रुपये प्रति वर्ग मीटर विकास शुल्क का प्रस्ताव है।

जिला पंचायतों में नक्शा पास कराने को नई मॉडल भवन उपविधि होगी लागू
पंचायती राज विभाग जिला पंचायतों की ओर से नक्शा पास करने के लिए नई भवन निर्माण उपविधि को जल्द लागू करेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सुनियोजित विकास होने के साथ जिला पंचायतों की आय भी बढ़ेगी। पंचायती राज विभाग की ओर से तैयार की गई इस उपविधि का नाम उत्तर प्रदेश जिला पंचायतों के लिए मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि- 2026 होगा। पंचायती राज विभाग की ओर से तैयार की गई इस प्रस्तावित उपविधि पर हितधारकों की शनिवार को बैठक भी बुलाई गई है। जिसमें इस उपविधि पर चर्चा होगी। बिल्डर, आर्किटेक्ट और जिला पंचायतों के अधिकारियों के साथ बैठक होगी।

प्रमुख सचिव, पंचायती राज अनिल कुमार की ओर से इसकी तैयारी की जा रही है। सभी हितधारकों से इस उपविधि पर सुझाव मांगे जाएंगे। आवास विभाग उपविधि की तरह ही पंचायती राज विभाग ने भी अपनी उपविधि तैयार की है। जिला पंचायतें नक्शा पास करने के लिए समन शुल्क, भवन के क्षेत्रफल आदि के आधार पर शुल्क तय होगा। आवासीय और वाणिज्यिक भवनों के नक्शे की स्वीकृति का शुल्क अलग- अलग होगा। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के मुताबिक प्रस्तावित उपविधि को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई है । जिला पंचायतों को नक्शा पास करने से अभी 70 करोड़ की आय हो रही है जो आगे बढ़कर 210 करोड़ रुपए हो जाएगी।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!