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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शिक्षा निदेशालय का निर्देश: एचटेट पास न करने वाले शिक्षकों की सेवा समाप्त होगी

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चंडीगढ़
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बिना हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) पास किए पढ़ा रहे करीब 25 हजार शिक्षकों को अब एचटेट पास करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि एक सितंबर 2025 को जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच साल से ज्यादा समय बाकी था, उनके लिए एचटेट अनिवार्य है। उन्हें अपने पढ़ाए जाने वाले विषय अथवा स्तर (पीआरटी, पीजीटी व टीजीटी) का एचटेट पास करना होगा। पास नहीं करने पर सेवा समाप्त की जा सकती है या अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है। ऐसे सभी शिक्षकों को अगस्त 2028 तक एचटेट परीक्षा पास करनी होगी।

एक सितंबर 2025 को सेवानिवृत्ति में पांच साल से कम समय बाकी होने वाले शिक्षकों को एचटेट से छूट दी गई है। ऐसे शिक्षक सामान्य रूप से सेवानिवृत्ति तक नौकरी कर सकेंगे। हालांकि, उन्हें आगे पदोन्नति नहीं मिलेगी। प्रमोशन के लिए संबंधित विषय का एचटेट पास करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लागू हुआ नियम
निदेशालय ने ये निर्देश सुप्रीम कोर्ट के अंजुमन इशात-ए-तलीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य मामले में एक सितंबर 2025 को दिए आदेश के आधार पर जारी किए हैं। इस मामले में 29 मई 2026 को दाखिल पुनर्विचार याचिका पर भी आदेश हुआ था। हरियाणा के शिक्षकों की ओर से राहत के लिए दाखिल पुनर्विचार याचिका मई 2026 में खारिज हो चुकी है।

साल में दो बार होगा एचटेट
बिना एचटेट वाले शिक्षकों को परीक्षा पास करने के पर्याप्त अवसर देने के लिए शिक्षा निदेशालय ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी को साल में दो बार एचटेट आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

नियुक्ति और प्रमोशन पर भी सख्ती
जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को सभी संबंधित शिक्षकों को नए नियमों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशालय की स्थापना शाखाओं को कहा गया है कि शिक्षकों की नियुक्ति और पदोन्नति सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ही की जाए।

शिक्षक संगठन नाराज, सरकार से दखल की मांग
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान प्रभू सिंह ने बताया हरियाणा में एचटेट की अधिसूचना 23 अगस्त 2010 को जारी हुई थी। यानी उससे पहले जो भी अध्यापक भर्ती हुए थे, उन्होंने पात्रता परीक्षा नहीं दी। ऐसे करीब 25 हजार अध्यापक होंगे। सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी, मगर वह खारिज हो गई थी। कई राज्यों ने अपने शिक्षकों को राहत दी है। हरियाणा सरकार से मांग है कि वे इसमें दखल देकर राहत दे।

 

Aditya
Author: Aditya

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