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हरियाणा में 2814 स्कूलों पर बड़ा एक्शन, 30 सितंबर तक गिरेंगी असुरक्षित इमारतें

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चंडीगढ़
हरियाणा में सरकारी स्कूलों में असुरक्षित भवनों को ढहाकर नए कमरे बनाए जाएंगे। प्रदेश में 2814 स्कूल चिन्हित किए गए हैं, जहां कक्षाएं जर्जर कमरों में चल रही हैं। सभी असुरक्षित भवनों को गिराने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया गया है। इतना ही नहीं, मानसून के दौरान जिन 700 स्कूलों में जलभराव की समस्या आई थी, उनमें मिट्टी का भराव करने के साथ ही चहारदीवारी का निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जल्द ही शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक लेंगे, जिसके चलते विभागीय अधिकारी कमियों को दूर करने में जुट गए हैं। 150 राजकीय विद्यालयों के नए भवन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा 719 उत्कृष्ट विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण पर काम शुरू हो गया है।

इनमें संस्कृति माडल स्कूल, मुख्यमंत्री अर्ली इंग्लिश एंड एक्सीलेंस स्कूल तथा पीएम श्री विद्यालय शामिल हैं। सभी उत्कृष्ट विद्यालयों में नए भवन, अतिरिक्त कक्षाएं, पृथक शौचालय, मजबूत चहारदीवारी, खेल मैदान, विज्ञान व कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, डिजिटल लैब, स्मार्ट कक्षाएं, पुस्तकालय, नया फर्नीचर, टैबलेट तथा अन्य आधुनिक शिक्षण संसाधन प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराए जाएंगे। हर जिले में एक माडल बाल-वाटिका बनाई जाएगी।

हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक ने सभी अतिरिक्त उपायुक्तों, जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में कहा है कि असुरक्षित इमारतों को ढहाने से लेकर बजट खर्च न करने वाले अफसरों पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।

30 सितंबर तक स्कूल भवनों के सत्यापन, कंडम घोषित करने और ध्वस्तीकरण का काम पूरा करने को कहा गया है। 647 स्कूलों में मौसमी और 53 स्कूलों में स्थायी रूप से पानी भरने की समस्या से निजात पाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को मिट्टी भराव के लिए तुरंत नया बजट एस्टिमेट भेजने को कहा है। स्कूलों में बेकार पड़े कंप्यूटर और प्रिंटर सहित अन्य आइटी उपकरणों को निर्धारित पालिसी के तहत निपटाने के आदेश दिए गए हैं

पौधरोपण में अंबाला सबसे आगे, फरीदाबाद और पलवल पिछड़े
बैठक में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की समीक्षा में बताया गया कि हरियाणा में 12.50 लाख के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 8.25 लाख पौधे लगा दिए गए हैं। अंबाला जिला लक्ष्य का 119 प्रतिशत काम पूरा कर पहले स्थान पर है, जबकि फरीदाबाद में सिर्फ तीन प्रतिशत और पलवल में सिर्फ आठ प्रतिशत लक्ष्य हासिल हुआ है।

 

Aditya
Author: Aditya

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