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JPSC-JSSC परीक्षा विवाद: नियुक्त अधिकारियों को हटाने पर रोक के बाद आज फिर हाईकोर्ट में सुनवाई

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रांची
 झारखंड हाई कोर्ट में मंगलवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 11-13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी नियुक्ति परीक्षा तथा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) नियुक्ति परीक्षा और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल परीक्षा से हुई नियुक्तियों को रद करने के मामले में सुनवाई होगी।

पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने इन नियुक्तियों के जरिए काम करने वाले पदाधिकारियों को हटाए जाने के सरकार के आदेश पर रोक लगा दी थी और सीआइडी की जांच रिपोर्ट तलब की थी। अब मंगलवार को इन परीक्षाओं के माध्यम से नियुक्त अधिकारियों को वेतन नहीं मिलने के मामले में भी सुनवाई की उम्मीद जताई जा रही है।

पूर्व में हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने इन परीक्षाओं को रद करने के राज्य सरकार द्वारा 18 अगस्त को जारी आदेश पर रोक लगा दी है। सरकार के आदेश से इन नवनियुक्त पदाधिकारियों की नियुक्ति रद हो गई थी।

कोर्ट के आदेश के बाद फिलहाल ये सभी अपने पद पर बने हुए हैं। पूर्व में हुई सुनवाई में अदालत ने कहा था कि इस मामले में प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि सरकार ने नैसर्गिक न्याय का पालन नहीं किया है। इसलिए उक्त पदों पर नियुक्त हुए अभ्यर्थियों को अगले आदेश तक नौकरी से नहीं हटाया जाए। अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा था।

अदालत ने सरकार को कहा था कि वह बताए कि सीआईडी की अबतक की जांच में ऐसा कौन सा तथ्य सामने आया था, जिसके आधार पर सरकार ने इतना कड़ा निर्णय लिया है।

सरकार द्वारा नियुक्ति रद किए जाने के बाद हाई कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल करते हुए सरकार की उस अधिसूचना को चुनौती दी गई है, जिनमें जेपीएससी की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी नियुक्त, सीडीपीओ और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद करने का निर्णय लिया गया था।

बता दें कि सरकार ने उन सभी परीक्षाओं को रद करने का फैसला लिया है, जिसमें टीडीपीएल की भूमिका रही है। इन चारों परीक्षाओं में चूंकि नियुक्ति हो चुकी थी, जिस कारण ने राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है।

Aditya
Author: Aditya

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