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फर्जी पासपोर्ट कांड में बड़ा खुलासा, भोपाल-डबरा से 70 से अधिक पासपोर्ट बने; 15 अफसर जांच के घेरे में

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ग्वालियर/भोपाल.

मध्य प्रदेश में जाली दस्तावेज से बांग्लादेशियों के पासपोर्ट बनाने वाले नेटवर्क की कारगुजारियों ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। इस मामले की जांच कर रही राज्य एसटीएफ ने अब तक जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें से नागपुर से पकड़े गए एक आरोपित का पासपोर्ट गुजरात में कच्छ जिले के मथल गांव के पते पर बना पाया गया। कच्छ के पास पाकिस्तान बार्डर लगता है, इसलिए एसटीएफ ने इस आरोपित जाय चौधरी बरूआ से गहन पूछताछ कर रही है।

बौद्ध विहार के पते पर बना प्रियान राय का पासपोर्ट
वहीं महाराष्ट्र के उल्लासनगर से पकड़े गए प्रियान राय का पासपोर्ट ग्वालियर के डबरा स्थित बौद्ध विहार के पते पर बना है। अब एसटीएफ के राडार पर सरकारी विभागों का वह सिस्टम है, जो सत्यापन से लेकर दस्तावेज बनाने वाली प्रक्रिया में शामिल है। यह वही दस्तावेज हैं, जिनके जरिये पासपोर्ट बने हैं। अब तक पुलिस और दूसरे विभागों के कर्मचारियों को मिलाकर 15 लोगों के नाम सूची में हैं। इसमें ग्वालियर के डबरा थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी विनायक शुक्ला, एचसीएम भूपेंद्र गुर्जर सहित अन्य पुलिसकर्मी व पासपोर्ट सेवा केंद्र के कर्मचारी भी हैं।

एसटीएफ ने की डबरा के पते पर बने पासपोर्टों की पड़ताल
बता दें कि अभी तक मध्य प्रदेश के दतिया के डबरा स्थित बौद्ध मठ के पते पर 17, भोपाल के अन्ना नगर स्थित बौद्ध मठ के पते पर 40, बैतूल से 11, छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा जिले से एक-एक फर्जी पासपोर्ट बनाए जाने का मामला सामने आया है। एसटीएफ ने अभी डबरा के पते पर बने पासपोर्टों की पड़ताल की है। इसमें सामने आया था कि सभी के फर्जी तरीके से आधार कार्ड आरोपित रियाल चौधरी ने बनवाए थे। वह असम के कामरूप जिले का रहने वाला है। अन्य जिलों से बने पासपोर्ट में भी उसकी भूमिका हो सकती है। मामले में अभी तक चार आरोपितों की गिरफ्तारी की गई है। एसटीएफ की जांच के दायरे में प्रदेश के पांच जिले ग्वालियर, भोपाल, पांणूर्ना, छिंदवाड़ा, बैतूल के अलावा दूसरे जिले भी हैं। यहां बौद्ध विहार व आंबेडकर पार्क के पते पर कितने ऐसे लोगों के पासपोर्ट बने जो कुछ समय पहले ही यहां आए थे। इन सभी के दस्तावेज, पासपोर्ट जांच के दायरे में हैं।

200 तक पहुंच सकती है, पासपोर्ट की संख्या
जांच अधिकारियों को आशंका है कि जाली दस्तावेजों के आधार पर बने पासपोर्टों की संख्या 200 तक पहुंच सकती है। अभी अन्य पासपोर्ट की जांच जारी है, जो इन्हीं पते पर बने हैं। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की जांच में अब तक ऐसे 70 फर्जी पासपोर्ट की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अभी 100 से ज्यादा पासपोर्ट और हैं, जिनकी जांच चल रही है। यह भी संदिग्ध हैं।

सत्यापन कर्मचारियों की सूची तैयार –
नागपुर से पकड़े गए बांग्लादेशी का पासपोर्ट गुजरात के कच्छ के पते पर बना था। वहां भी एक टीम भेजी जाएगी। सत्यापन प्रक्रिया में शामिल पुलिस अधिकारी, पुलिसकर्मी एवं दूसरे विभागों के सरकारी कर्मचारियों की सूची तैयार की है।
– राजेश सिंह भदौरिया, एसपी, एसटीएफ।

Aditya
Author: Aditya

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