अमित मिश्रा…चित्रकूट/सतना।
चित्रकूट में जरूरतमंद परिवारों के साथ बीहड़ और जंगलों में रहने वाले साधु-संतों तक भी पहुंचाई जा रही राहत सामग्री…
चित्रकूट। बाढ़ की आपदा से प्रभावित परिवारों को राहत और सहारा देने के लिए श्री तुलसीपीठ सेवा न्यास एवं रामानंद मिशन ने राहत अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत चित्रकूट तीर्थक्षेत्र के 1,000 जरूरतमंद परिवारों और आश्रमों तक राहत सामग्री पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
शनिवार को श्री तुलसीपीठ के उत्तराधिकारी एवं रामानंद मिशन के उपाध्यक्ष आचार्य रामचंद्र दास महाराज ने बताया कि बाढ़ के कारण कई परिवारों का घरेलू और रोजमर्रा का सामान खराब हो गया है। ऐसे परिवारों को दोबारा सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद देने के उद्देश्य से जरूरत के अनुसार राहत किट तैयार की गई है।
राहत किट में गद्दा, रजाई, मच्छरदानी, चादर, दरी, चटाई, साफ-सफाई की सामग्री, थाली, चार गिलास, राशन और जरूरी कपड़े शामिल हैं।

अभियान की खास बात यह है कि राहत टीम केवल आबादी वाले क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। बाढ़ से प्रभावित बीहड़ और जंगल क्षेत्रों में रहने वाले साधु-संतों और आश्रमों तक भी टीम पहुंच रही है। बाढ़ से जिन संतों की साधना और आश्रम की व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं, उन्हें भी आवश्यकता के अनुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
आचार्य रामचंद्र दास महाराज ने कहा कि जिन परिवारों का सामान बाढ़ में बह गया या खराब हो गया, उन्हें केवल राहत सामग्री देना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ फिर से खड़ा होने में सहयोग देना अभियान की प्राथमिकता है।










