Edition

स्टेशन रोड से कोतवाली तिराहे तक गड्ढों का साम्राज्य, लाइफ लाइन बनी जनता के धैर्य की परीक्षा….

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

खबरें चलीं, तस्वीरें छपीं, सड़कें कई बार खुदीं और बनीं भी… लेकिन हालात जस के तस….

सतना। शहर की जिस स्टेशन रोड को मुख्य बाजार की लाइफ लाइन कहा जाता है, वही सड़क इन दिनों लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गई है। रेलवे मोड़ से कोतवाली तिराहे तक सड़क पर छोटे-बड़े सैकड़ों गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। करीब एक किलोमीटर के हिस्से में जगह-जगह सड़क की हालत ऐसी है कि वाहन चलाने वाला सड़क पर कम और गड्ढों के बीच रास्ता तलाशता ज्यादा नजर आता है।

बारिश के बाद हालात और मुश्किल हो गए हैं। गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई दिखाई नहीं देती। दोपहिया वाहन चालक अचानक दिशा बदलने को मजबूर होते हैं और इसी दौरान सामने से आने वाले वाहनों से टक्कर का खतरा बना रहता है। बुजुर्ग या बीमार व्यक्ति को लेकर इस मार्ग से निकलना हो तो सफर कम और परीक्षा ज्यादा महसूस होता है।

 

सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह कोई सुनसान गली नहीं, बल्कि शहर का प्रमुख मार्ग है। दिनभर अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और आम लोगों का इसी रास्ते से आना-जाना रहता है। यानी गड्ढे किसी से छिपे नहीं हैं, बस शायद जिम्मेदारों की नजर में आने के लिए इन्हें और थोड़ा बड़ा होने का इंतजार है।

बीते महीनों में कई जगह सड़क खुदी, कहीं मरम्मत हुई और कहीं नई परत भी दिखाई दी, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो गई। इस समस्या को लेकर खबरें भी प्रकाशित हुईं, सोशल मीडिया पर तस्वीरें भी वायरल हुईं, लेकिन सड़क की कहानी में कोई खास बदलाव नहीं आया।

जनता अब सवाल पूछ रही है कि जब शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के सपने दिखाए गए थे, तब क्या किसी ने यह भी सोचा था कि स्मार्ट सिटी की लाइफ लाइन इतनी अनस्मार्ट क्यों रहेगी?विपक्ष की भूमिका पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं। छोटे-छोटे मामलों में आवाज बुलंद करने वाले राजनीतिक चेहरे दिखाई देते हैं, लेकिन शहर की रोजमर्रा की वास्तविक समस्या पर सड़क से लेकर जिम्मेदार अधिकारियों तक आवाज पहुंचाने की गंभीर कोशिश कितनी हुई, यह भी सवाल है।

व्यंग्य में कहें तो स्टेशन रोड पर गड्ढे अब इतने व्यवस्थित हो गए हैं कि शायद इनके लिए अलग से नंबरिंग और नामकरण की जरूरत पड़े। जनता को बस इतना चाहिए कि सड़क पर गड्ढे कम हों और जिम्मेदारों की सक्रियता थोड़ी ज्यादा दिखाई दे।

क्योंकि सड़क पर चलना जनता की मजबूरी है, लेकिन सड़क ठीक कराना व्यवस्था की जिम्मेदारी।

#nagarnigam #satna #collector #sdm #rewanchalroshni

Kishan Gupta
Author: Kishan Gupta

journalist

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!