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अब स्कूल में ही NEET-JEE की कोचिंग, CG में शिक्षकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

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दुर्ग.

जिले के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत ऐसे मेधावी विधार्थी जो आर्थिक कारणों से नीट/जेईई जैसे परीक्षाओं में कोचिंग के अभाव में चयनित होने से वंचित हो जाते हैं, ऐसे विद्यार्थियों के लिए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के नेतृत्व व मार्गदर्शन में जिले में एक अभिनव प्रयास किया जा रहा है।

चयन परीक्षा के माध्यम से कक्षा 11वीं एवं 12वीं विज्ञान के 40-40 विद्यार्थियों’ का चयन नीट एवं जेईई कोचिंग के लिए किया गया है। कोचिंग कक्षाओं का संचालन जिले के चयनित विषय विशेषज्ञ व्याख्याताओं के माध्यम से किया जाना है। इस हेतु चयनित विशेषज्ञ व्याख्याताओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन 8 सितंबर को जेआरडी स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय दुर्ग में किया गया। प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि यदि हम वास्तव में अपने कार्य का परिणाम देखना चाहते है, तो हमें केवल एप्रोच के साथ क्लास में जाने के बजाए पूरी तैयारी के साथ जाना होगा, यदि एक घंटे की क्लास लेनी है तो दो घंटे की क्लासेस की तैयारी होनी चाहिए। बच्चों की मानसिकता को परखते हुए पहले किस टॉपिक को डील किया जाना है इस बात को विशेष ध्यान देना होगा।

कार्यशाला में मौजूद डॉ. केवी राव, संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग दुर्ग ने सभी प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि हमें एक मूल मंत्र याद रखना होगा कि इस पूरे प्रोसेस में हम जितना इंवॉल्व होंगे उतना ही बेहतर परिणाम दे पाएंगे। इससे एक उत्कृष्ट शिक्षक के रूप में पहचान बना पाएंगे।

Aditya
Author: Aditya

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