हाथी के आक्रामक व्यवहार से गांवों में अलर्ट, कलेक्टर ने कराई मुनादी; दो कुमकी हाथियों की मदद से पकड़ने की तैयारी…

मैहर। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से निकला हाथी ई-5 बाणसागर डैम का करीब 5 किलोमीटर गहरा पानी तैरकर मैहर वनमंडल की सीमा में पहुंच गया है। GPS कॉलर के जरिए हाथी की लगातार निगरानी की जा रही है। वन विभाग के अनुसार हाथी अमरपाटन के ललुआ बीट, रामनगर के पुरैना गांव होते हुए अब गोरसरी पहाड़ी क्षेत्र के आसपास विचरण कर रहा है।
गोरसरी पहाड़ी के पास ट्रेस हुई लोकेशन
कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी के निर्देश पर प्रशासन और वन विभाग ने हाथी की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है। 7 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे GPS कॉलर मॉनिटरिंग के दौरान हाथी के मैहर सीमा में प्रवेश करने की जानकारी मिली थी।
फिलहाल हाथी की लोकेशन वनमंडल के कक्ष क्रमांक 637 के पास गोरसरी पहाड़ी क्षेत्र में बताई जा रही है। वन विभाग की टीमें लगातार हाथी की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।

रिहायशी इलाकों में हमले का खतरा
वन विभाग के विशेषज्ञों के मुताबिक ई-5 का व्यवहार पहले आक्रामक रहा है। ऐसे में उसके आसपास के गांवों और रिहायशी इलाकों में पहुंचने की स्थिति में लोगों और मवेशियों पर हमले का खतरा बना हुआ है।
स्थिति को देखते हुए मैहर प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को हाथी के संभावित विचरण वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गांवों में मुनादी, जंगल जाने पर रोक
अमरपाटन, रामनगर और मैहर क्षेत्र के संभावित प्रभावित गांवों में पुलिस और होमगार्ड की टीमों द्वारा लाउडस्पीकर से मुनादी कराई जा रही है। ग्रामीणों को खेतों और जंगल की ओर अकेले नहीं जाने की सलाह दी गई है।
एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार, जनपद सीईओ, सीएमओ और संबंधित थाना प्रभारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की टीमें ग्रामीणों से संपर्क बनाए रखते हुए हाथी की लोकेशन के आधार पर आवश्यक सावधानी बरत रही हैं।
कच्चे मकानों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर किया जा रहा शिफ्ट
हाथी के संभावित खतरे को देखते हुए कच्चे मकानों और झुग्गियों में रहने वाले ग्रामीणों को सुरक्षित पक्के मकानों, पंचायत भवनों और सामुदायिक भवनों में शिफ्ट किया जा रहा है।
पटवारी, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और कोटवारों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और ग्रामीणों से संपर्क बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है।
दो कुमकी हाथियों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन
ई-5 को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित कर रेस्क्यू करने के लिए वन विभाग ने बुधवार से संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से दो प्रशिक्षित कुमकी हाथी मौके पर पहुंच चुके हैं। इसके अलावा दो और कुमकी हाथियों को बुलाया गया है।
वन विभाग की तकनीकी टीम और प्रशिक्षित कुमकी हाथियों की मदद से ई-5 को सुरक्षित तरीके से पकड़ने की रणनीति तैयार की जा रही है। विभाग का प्रयास है कि हाथी और आसपास के ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया जाए।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथी की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में न जाएं, उसके करीब जाने या उसका पीछा करने की कोशिश न करें और किसी भी तरह की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित वन विभाग या पुलिस टीम को सूचना दें।
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