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OBC पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति पर उठे सवाल, 3.44 करोड़ रुपये वितरण के बावजूद रिकॉर्ड में भुगतान शून्य

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चंडीगढ़
 हरियाणा में ओबीसी विद्यार्थियों की पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति को लेकर सरकार के विधानसभा में दिए आंकड़ों में ऐसा अंतर सामने आया है, जिसका स्पष्ट मिलान जवाब में नहीं मिलता।

वर्ष 2024-25 में ओबीसी विद्यार्थियों के 63,893 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 52,023 आवेदन स्वीकृत किए गए। इसके बावजूद छात्रवार विवरण में छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या शून्य दर्ज है।

वहीं, इसी वर्ष के वित्तीय विवरण में ओबीसी पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 776.04 लाख रुपये का बजट स्वीकृत होने और उसमें से 3.44 करोड़ रुपये वितरित किए जाने की जानकारी दी गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब छात्रवार रिकार्ड में किसी विद्यार्थी को भुगतान नहीं हुआ, तो 3.44 करोड़ रुपये किस अवधि या किन विद्यार्थियों के लिए जारी किए गए।

आदित्य सुरजेवाला ने पूछे सवाल
यह मामला कैथल से कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला के विधानसभा सवाल के जवाब में सामने आया। उन्होंने 2019 से अब तक एससी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस विद्यार्थियों की पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदन, स्वीकृति, वास्तविक भुगतान और बजट वितरण का वर्षवार ब्योरा मांगा था।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2023-24 में 60,696 ओबीसी विद्यार्थियों ने आवेदन किया। इनमें 50,910 आवेदन स्वीकृत हुए, लेकिन केवल 17,937 विद्यार्थियों को भुगतान किया गया। 2022-23 में 39,745 आवेदन स्वीकृत हुए और 38,483 विद्यार्थियों को भुगतान किया गया। हालांकि 3,8 करोड़ रुपये के स्वीकृत बजट के मुकाबले केवल 7 करोड़ 87 लाख रुपये ही वितरित किए गए।

हरियाणा सरकार ने छात्रवृत्ति भुगतान में देरी या कमी के लिए निष्क्रिय आधार, सत्यापन में दिक्कत, अधूरे दस्तावेज और बजट की अनुउपलब्धता जैसे कारण बताए हैं। 2025-26 में 38,333 आवेदन आए, 29,784 मंजूर हुए और 25,847 विद्यार्थियों को भुगतान किया गया।

बीसीए के 75,621 विद्यार्थियों को वजीफा
नूंह से कांग्रेस विधायक चौधरी आफताब अहमद के सवाल के जवाब में स्कूल शिक्षा विभाग ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में कक्षा 10वीं के 38,364 और कक्षा 12वीं के 37,257 बीसीए विद्यार्थियों, यानी कुल 75,621 विद्यार्थियों को मासिक वजीफा दिया गया।

सरकार ने स्पष्ट किया कि यह योजना ओबीसी पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति से अलग है। जवाब में यह भी कहा गया कि स्कूल शिक्षा विभाग में बीसी-बी विद्यार्थियों के लिए कोई छात्रवृत्ति योजना संचालित नहीं है।

वहीं, ईडब्ल्यूएस विद्यार्थियों की पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के मामले में 2019-20 से 2026-27 तक लगातार आठ वित्तीय वर्षों में न बजट स्वीकृत होने और न राशि वितरित होने का रिकॉर्ड सरकार ने दिया है।

 

Aditya
Author: Aditya

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