Edition

महिलाओं को रात्रिकालीन काम की अनुमति, सुरक्षा व्यवस्था और जोखिम आकलन होगा अनिवार्य

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

 पटना
राज्य के कारखानों, प्रतिष्ठानों एवं दुकानों में काम करने वाले कामगारों के लिए नियुक्ति पत्र अब अनिवार्य होगा। हर साल नियोक्ता द्वारा अपने खर्च पर कामगारों की मुफ्त स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी।

प्रदेश उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा नियमावली-2026 के तहत कार्यस्थल पर काम के घंटे, विश्राम, सुरक्षा और जरूरी सुविधाओं से जुड़े कई नए नियम प्रभावी किए हैं।

इसकी जांच के लिए श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की टीम कारखानों, प्रतिष्ठानों एवं दुकानों में निरीक्षण करेगी।

नियुक्ति पत्र का प्रविधान
राज्य में नई श्रम संहिता की गाइडलाइन में नियुक्ति पत्र का प्रविधान कम से कम 10 कर्मचारियों वाले कारखानों, प्रतिष्ठानों और दुकानों पर ही लागू होगा।

घरेलू और कृषि क्षेत्र के कामगार इसके दायरे में नहीं होंगे। महिला कर्मचारियों को उनकी सहमति से सभी प्रकार के प्रतिष्ठानों में काम करने का अवसर मिलेगा।

सुरक्षा का रखा जाएगा ख्याल
विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी के मुताबिक प्रभावी प्रविधानों के आधार पर कारखानों, प्रतिष्ठानों एवं दुकानों का तैयार डाटाबैंक भी तैयार किया जाएगा। महिला कामगारों के लिए रात्रिकालीन सेवा में आवश्यक सुरक्षा उपायों को अनिवार्य कर दिया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था के बीच महिला कामगार रात्रिकालीन पाली में भी काम कर सकेंगी। अब नियोक्ताओं को अलग-अलग पंजीकरण कराने की जगह एकल पंजीकरण की सुविधा मिलेगी। श्रमिकों के काम के घंटे और विश्राम की अवधि भी निर्धारित नियमों के अनुसार होगी।

भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए भी अलग से विशेष व्यवस्था किए गए हैं। नियोक्ता को कार्यस्थल पर संभावित जोखिमों का आकलन करना होगा। इसकी भी विभागीय स्तर पर मानीटरिंग की व्यवस्था की गई है।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!