Edition

बिहार में वाटर टूरिज्म को बढ़ावा, गंगा सहित 70 हब से 10 हजार नौकरियों की उम्मीद

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पटना.

राज्य की झील, तालाब, डैम और नदियां पर्यटकों के आकर्षण का नया केंद्र बनेंगी। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने राज्य में वाटर टूरिज्म को बड़े स्तर पर विकसित करने का मास्टरप्लान तैयार किया है।

इसके तहत बिहार के 276 जल स्रोतों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। पहले चरण में 70 से अधिक जल स्रोतों पर पर्यटकीय सुविधाएं विकसित करने की तैयारी है। इनमें पटना की गंगा नदी के साथ बेगूसराय की कांवर झील, गया की फल्गु नदी, नालंदा के घोड़ाकटोरा, नवादा के ककोलत समेत कई जल स्रोतों को विकसित किया जाएगा।

नद‍ियों में भी होग बोट‍िंग और वाटर स्‍पोर्ट्स की सुविधाएं –
गंडक, कोसी, सोन और पुनपुन जैसी नदियों में भी बोटिंग और वाटर स्पोर्ट्स की सुविधाएं विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए जल स्रोतों पर फ्लोटिंग जेटी बनाई जाएगी। पर्यटक स्पीड बोट और क्रूज की सवारी कर सकेंगे। वहीं, प्रकृति प्रेमियों के लिए बर्ड वाचिंग और रिवर सफारी जैसे अनुभव भी उपलब्ध होंगे। विभाग की योजना के अनुसार हर महीने करीब 12 लाख पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य है। पीपीपी मोड पर तालाबों और डैम को विकसित किया जाएगा।

शिकारा से जेट स्की तक, पसंद के हिसाब से चुन सकेंगे बोट
वाटर टूरिज्म को हर वर्ग के लोगों के लिए आकर्षक बनाने की तैयारी है। यहां स्पीड बोट, जेट स्की, शिकारा, हाउस बोट, पैडल बोट, मोटर बोट, कयाक, कैनो, राफ्ट और रोइंग बोट जैसी करीब 10 तरह की बोट उपलब्ध कराने की योजना है। विभाग के अनुसार, इससे दस हजार से अधिक लोगों को रोजगार भी मिलेगा। बोट चलाने वालों, लाइफगार्ड, टूर गाइड, सुरक्षा कर्मियों से लेकर होटल, रिसार्ट, रेस्तरां और स्थानीय परिवहन से जुड़े लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। छोटे दुकानदारों, स्थानीय खान-पान और हस्तशिल्प कारोबार को भी नया बाजार मिलेगा।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!