Edition

11 हजार का वादा, 1100 का लिफाफा… राजभर ने अखिलेश पर लगाया ‘राखी घोटाले’ का आरोप

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

राजभर ने अखिलेश पर लगाया ‘राखी घोटाले’ का आरोप, बोले- 11 हजार कहकर महिलाओं को बुलाया, थमा दिए 1100 रुपये

11 हजार का वादा, 1100 का लिफाफा… राजभर ने अखिलेश पर लगाया ‘राखी घोटाले’ का आरोप

रक्षाबंधन पर सपा दफ्तर में लिफाफे का खेल, राजभर ने अखिलेश को बताया ‘शाह-ए-बेखबर’

अखिलेश को राजभर की चेतावनी- ‘विभीषणों’ से बचिए, नहीं तो लंका लगाकर मानेंगे
लखनऊ 

सुभासपा अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए 'राखी घोटाले' का आरोप लगाया है। शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट पर राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने रक्षाबंधन के लिए महिलाओं को 11-11 हजार रुपये देने के नाम पर सपा कार्यालय बुलाया, लेकिन उन्हें सिर्फ 1100 रुपये के लिफाफे थमा दिए।

राजभर ने लंबी पोस्ट में लिखा कि समाजवादी पार्टी सत्ता में रहे या न रहे, उसकी कार्यशैली नहीं बदलती। उन्होंने तंज भरे अंदाज में लिखा कि इस बार कुछ नहीं मिला तो रक्षाबंधन जैसे पवित्र त्योहार पर ही ‘राखी घोटाला’ कर दिया गया। आगे राजभर ने कहा कि कंसवादियों से रक्षाबंधन जैसे पवित्र त्योहार पर मर्यादित आचरण की उम्मीद करना बेवकूफी ही है। 

11 हजार के नाम पर बुलाया, थमा दिए 1100

ओपी राजभर ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि दो दिन पहले समाजवादी पार्टी के दफ्तर में महिलाओं को 11-11 हजार रुपये देने के नाम पर बुलाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में पहुंचीं महिलाओं को बाद में 11 हजार रुपये के बजाय केवल 1100 रुपये वाले लिफाफे दिए गए।

राजभर ने सवाल उठाया कि अगर महिलाओं के लिए 11 हजार रुपये का ऐलान किया गया था, तो बाकी की रकम कहां गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा कार्यालय में ही चर्चा है कि कुछ लोगों ने हर पैकेट से करीब 10-10 हजार रुपये निकाल लिए।

अखिलेश को ‘विभीषणों’ से बचने की सलाह

हमले के बीच राजभर ने अखिलेश यादव को सलाह देने का अंदाज भी नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के आसपास मौजूद लोग ही उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। पोस्ट में राजभर ने ऐसे लोगों को ‘विभीषण’ बताते हुए कहा कि ये लोग उनकी ‘लंका लगा कर ही मानेंगे।’

राजभर ने तंज कसते हुए लिखा कि शायद इन लोगों को लगा होगा कि ‘शाह-ए-बेखबर’ को इस पूरे मामले की जानकारी नहीं होगी। लेकिन कुछ महिलाओं ने लिफाफा खोलकर देखा तो उसमें 11 हजार की जगह केवल 1100 रुपये निकले।

राजभर ने इस विवाद को केवल रकम तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने रक्षाबंधन जैसे पर्व का जिक्र करते हुए सपा की राजनीति और उसके व्यवहार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कम से कम बहनों के मन और मान का ख्याल रखा जाना चाहिए था। पोस्ट के आखिर में खुद को अखिलेश यादव का ‘परम हितैषी’ बताते हुए राजभर ने एक बार फिर उन्हें अपने आसपास के लोगों से सावधान रहने की सलाह दी।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!