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अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सोशल मीडिया पर चल रहे दुष्प्रचार का किया खंडन, कहा- नियमों का पूरी तरह किया गया पालन

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लेखा परीक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों के उल्लंघन के दावों को आयोग ने बताया भ्रामक और तथ्यहीन

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सोशल मीडिया पर चल रहे दुष्प्रचार का किया खंडन, कहा- नियमों का पूरी तरह किया गया पालन 

लेखा परीक्षक एवं सहायक लेखाकार के 1829 पदों के लिए जारी हुआ है विज्ञापन, 609 पदों के आरक्षण निर्धारण की विभाग ने स्वयं की थी पुष्टि

आयोग ने कहा, तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का किया जा रहा प्रयास

आयोग की अभ्यर्थियों से अपील, भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें

लखनऊ
 उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने लेखा परीक्षक एवं सहायक लेखाकार के 1829 पदों पर भर्ती को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में प्रसारित किए जा रहे दावों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी सभी प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन किया गया है तथा पदों का विज्ञापन संबंधित विभागों से प्राप्त अधियाचन और उनकी पुष्टि के आधार पर जारी किया गया है।

आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार विभिन्न विभागों के नियंत्रणाधीन लेखा परीक्षक एवं सहायक लेखाकार के 1829 रिक्त पदों पर चयन के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। विज्ञापन जारी होने के बाद कुछ व्यक्तियों द्वारा सोशल मीडिया पर आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय के सहायक लेखाकार के आरक्षित पदों को लेकर आरक्षण नीति के उल्लंघन के आरोप लगाए जा रहे हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि उसे आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय से सहायक लेखाकार के 609 पदों का अधियाचन प्राप्त हुआ था। इन पदों के संबंध में आरक्षण की गणना और श्रेणीवार वर्गीकरण शासन के प्रचलित नियमों एवं आरक्षण व्यवस्था के अनुरूप किए जाने की पुष्टि स्वयं निदेशालय द्वारा की गई थी। विभाग ने यह भी अवगत कराया था कि पदों की श्रेणीवार गणना संवर्ग में सृजित कुल पदों के आधार पर की गई है, जो पूरी तरह नियमसम्मत है।

आयोग ने बताया कि कुल 22 अधियाचनों के आधार पर 1829 पदों का विज्ञापन जारी किया गया है, जिसमें आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय के 609 पद भी शामिल हैं। आयोग को प्राप्त प्रत्येक अधियाचन में आरक्षण संबंधी गणना की पुष्टि संबंधित विभागों और निदेशालयों से प्राप्त होने के बाद ही विज्ञापन प्रकाशित किया जाता है। आयोग ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमबद्ध है तथा आरक्षण नीति के उल्लंघन संबंधी दावे निराधार हैं। आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

Aditya
Author: Aditya

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