Edition

कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर योगी का सपा पर वार, बोले- अखिलेश ने किया जातीय अपमान

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख 'अस्त्र' पीडीए को लेकर अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। कहा कि पीडीए की परिभाषा में भी गिरगिट की तरह रंग बदला जा रहा हैं। पी की परिभाषा पहले पिछड़ा, फिर पंडित बताई गई। एक दिन पी की परिभाषा पाकिस्तान से भी कर देंगे। सीएम योगी लखनऊ के ईकाना स्टेडियम में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित हिंदू गौरव दिवस को संबोधित कर रहे थे। कल्याण सिंह के निधन पर अखिलेश यादव की तरफ से श्रद्धांजलि नहीं देने को सीएम योगी ने जातीय अपमान बताया।

सीएम योगी ने कहा कि कल्याण सिंह ने अपनी सत्ता गवां दी लेकिन क हा कि रामभक्तों पर गोली नहीं चलेगी। अखिलेश पर हमला करते हुए कहा कि प्रदेश के तीन मुख्यमंत्रियों के नाम पर आयोजित कार्यक्रमों में मुझे भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ। तीनों अलग अलग पार्टी के मुख्यमंत्री रहे। कल्याण सिंह जी का निधन होना हम लोगों के लिए दुखद था। प्रधानमंत्री अपना कार्यक्रम छोड़कर आए। हम लोगों की पूरी कैबिनेट लखनऊ से अलीगढ़ तक लगी रही। लेकिन सपा की तरफ से सामान्य शिष्टाचार भी नहीं निभाया गया।

मायावती भी श्रद्धांजलि देने आईं लेकिन…
सीएम योगी ने कहा कि बसपा प्रमुख मायावती ने आकर अपना दायित्व निभाया और बाबूजी को उन्होंने श्रद्धांजलि दी। लेकिन सपा के मुखिया हमारे नेता से कितना द्वेष रखते हैं कि उन्होंने प्रत्यक्ष जाकर श्रद्धांजलि देना तो दूर, शब्दों से भी कुछ व्यक्त नहीं किया। यह जातीय अपमान है। यह हर हिंदू का अपमान था।

आंबेडकर और अहिल्या बाई के नाम पर भी घेरा
सपा के पिछड़े और दलित प्रेम पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा ने पहली बार ऐसा नहीं किया है। एक तरफ बाबूजी उन मूल्यों के लिए समर्पित थे, जो कहा वो करके दिखाया। यह लोग (अखिलेश) कब क्या बोलें, कुछ नहीं कहा जा सकता है। कन्नौज में बाबा साहेब के नाम पर मेडिकल कॉलेज बना लेकिन आंबेडकर का नाम सपा ने हटा दिया। मंत्री असीम अरुण ने इसकी जानकारी दी तो दोबारा बाबा साहेबा का नाम मेडिकल कॉलेज से जोड़ा गया। मैनपुरी में लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर के नाम पर कॉलेज बना तो सपा ने वह नाम भी मिटा दिया। तब हमने औरेया में राजमाता के नाम पर नए मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया।

कल्याण सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि बड़ा आदमी पद से नहीं अपनी सोच और कर्मों से बड़ा होता है। सामान्य किसान परिवार में जन्म लेने वाले कल्याण सिंह अपनी कर्मणता, मूल्य और सिद्धांतों के प्रति अडिग रहने के भाव से हमेशा स्मर्णीय बने रहेंगे। उन पर कभी किसी का कोई दबाव नहीं पड़ा। कहते थे कि कल्याण सिंह टूट सकता है लेकिन झुक नहीं सकता है। राम मंदिर आंदोलन को खुलकर समर्थन किया।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!