Edition

अब Telegram पर बनेगी आपकी पर्सनल वेबसाइट? कंपनी ने .gram डोमेन के लिए ICANN में किया आवेदन

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

मुंबई 

टेलीग्राम अब मैसेजिंग से आगे बढ़कर वेबसाइट पब्लिशिंग की दुनिया में कदम रखने की तैयारी कर रहा है. कंपनी ने .gram नाम के एक नए टॉप-लेवल डोमेन के लिए इंटरनेट की डोमेन नाम संस्थान ICANN के पास एप्लिकेशन दिया है. अगर यह मंजूर होता है, तो टेलीग्राम के करोड़ों यूज़र्स को अपने यूजरनेम के आधार पर पर्सनलाइज्ड वेब एड्रेस मिल सकते हैं। 

टेलीग्राम के फाउंडर पावेल डुरोव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि कंपनी ने .gram डोमेन ज़ोन के लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन दे दिया है. अगर ICANN इसे मंजूरी देता है, तो एक अरब से ज्यादा टेलीग्राम यूज़र्स को yourname.gram फॉर्मेट में अपना सेकंड-लेवल डोमेन मिल सकता है, यानी अगर किसी का यूज़रनेम @durov है तो उसे durov.gram जैसा एड्रेस मिल सकता है। 

डुरोव ने यह भी बताया कि यूज़र्स इन डोमेन के जरिए इंटरैक्टिव वेबसाइट भी बना सकेंगे, जो सीधे टेलीग्राम के सर्वर पर होस्ट होंगी. इसमें खास बात यह है कि इसके लिए किसी टेक्निकल जानकारी की जरूरत नहीं होगी. यूज़र्स सिर्फ एक प्रॉम्प्ट टाइप करके भी अपनी वेबसाइट तैयार कर सकेंगे. हालांकि, कंपनी ने अभी तक यह भी नहीं बताया है कि यह पूरा प्रोसेस असल में कैसे काम करेगा या यह फीचर कब तक उपलब्ध होगा। 

लंबा प्रोसेस बाकी
यह पूरा प्लान अभी सिर्फ एक एप्लिकेशन तक ही सीमित है. इसे आगे बढ़ाने के लिए ICANN की मंजूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा, जो एक लंबी प्रक्रिया है. किसी भी नए टॉप-लेवल डोमेन की टेक्निकल और फाइनेंशियल जांच के साथ-साथ आपत्ति और रिव्यू जैसे कई स्टेप्स को पूरा करना पड़ता है, जिनमें कई महीने लग सकते हैं. इसका मतलब है कि सिर्फ आवेजन देने से ही यह तय नहीं होता कि .gram की मंजूरी मिलेगी या यूज़र्स को आखिरकार यह डोमेन रजिस्टर करने का मौका मिलेगा भी या नहीं। 

एक अलग डोमेन मिलने से टेलीग्राम को अपने वेब एड्रेस पर ज्यादा कंट्रोल मिल सकता है, जो खासतौर पर उस घटना के बाद काफी खास माना जा रहा है, जो जुलाई में घटी थी. जब .me डोमेन मैनेज करने वाली रजिस्ट्रार कंपनी ने करीब एक दिन के लिए टेलीग्राम के t.me लिंक्स को अस्थाई रूप से बंद कर दिया था. ऐसे में अगर .gram डोमेन को मंजूरी मिलती है, तो इससे टेलीग्राम को अपने लिंक्स से जुड़े पूरे इंस्फ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा कंट्रोल मिल जाएगा। 

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!