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ऑपरेशन सिंदूर पर डॉक्यूमेंट्री से पाकिस्तान नाराज, कहा- एकतरफा दिखाया गया अभियान

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नई दिल्ली
ऑपरेशन सिंदूर पर बनी भारतीय डॉक्यूमेंट्री को देखकर पाकिस्तानियों को मिर्ची लगी है। पाकिस्तान की ओर से मंगलवार को कहा गया कि इसमें ऑपरेशन सिंदूर का एकतरफा ब्योरा दिया गया है और लड़ाई की जमीनी हकीकत की अनदेखी की गई है। डिस्कवरी चैनल की डॉक्युसीरीज 'डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर' के जवाब में पाक सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस ने बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि इस डॉक्यूमेंट्री में घटना का बहुत ज्यादा नाटकीय और भारत को रास आने वाले तौर-तरीके से चित्रण किया गया है।

पाक सेना ने डॉक्यूमेंट्री में इस अभियान को सैन्य सफलता बताने के भारत के दावे पर सवाल उठाए हैं। इस सीरीज में भारत के सीनियर राजनीतिक नेतृत्व और सैन्य नेतृत्व ने 88 घंटे तक चले संघर्ष से जुड़ी घटनाओं का जिक्र किया है। 2 हिस्सों वाली डॉक्यूसीरीज में बात करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा, 'भारत की उदारता और सहनशीलता को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।' उन्होंने कहा कि देश जोखिम उठा सकता है और कड़ा प्रहार कर सकता है, चाहे नतीजा कुछ भी हो।

अजीत डोभाल ने कहा कि इस सैन्य अभियान का मकसद दुश्मन के शिविरों को नष्ट करना था, खासकर उन ठिकानों को जो पहलगाम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार थे क्योंकि इस आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे। पिछले साल 7 मई की तड़के ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था, जिसके तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे।

आतंकी ठिकानों पर भारत का सटीक हमला
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी ढांचे के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। 7 मई 2025 को भारतीय सशस्त्र बलों ने इस अभियान के तहत कुल 9 आतंकी ठिकानों को सटीक हमलों में निशाना बनाया। इन ठिकानों का इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंकी हमलों की योजना बनाने और उन्हें संचालित करने के लिए किया जाता था। कार्रवाई को सीमित और टारगेटेड बताया गया था।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई की कोशिश की गई। भारत ने अपने वायु रक्षा और प्रतिरोधी ड्रोन तंत्र के जरिए कई खतरों को नाकाम किया। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के कुछ सैन्य ठिकानों और वायु रक्षा प्रणालियों को भी निशाना बनाया। अभियान ने भारत की खुफिया क्षमता, सटीक मारक क्षमता, ड्रोन तकनीक और तीनों सेनाओं के बीच समन्वय को सामने रखा। इस अभियान ने भारत की आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की रणनीति में भी बदलाव का संकेत दिया, जिसमें सीमित अवधि में सटीक सैन्य कार्रवाई के जरिए आतंकवादी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने पर जोर रहा।

Aditya
Author: Aditya

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