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Punjab News: बंदी सिखों की रिहाई के लिए अनोखा विरोध, मरीज बनकर राजभवन पहुंचे अकाली दल नेता

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चंडीगढ़.

बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर पंजाब राजभवन के बाहर शनिवार को प्रदर्शन के दौरान तनाव की स्थिति बन गई। इसी बीच पूर्व सांसद और शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के नेता सिमरनजीत सिंह मान मरीज का भेष बनाकर राजभवन के पास पहुंच गए।

मुंह पर पट्टियां बांधकर गाड़ी में पहुंचे मान को पुलिस ने शक के आधार पर रोककर हिरासत में लिया। हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। मान के मरीज के भेष में राजभवन पहुंचने और फिर हिरासत में लिए जाने की घटना प्रदर्शन के दौरान चर्चा का विषय बनी रही। मान के राजभवन पहुंचने से पहले ही वहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन चुकी थी। बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी राजभवन की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछार और आंसू गैस के गोले छोड़े।

मरीज का भेष देखकर पुलिस को हुआ शक
राजभवन के बाहर तनाव के बीच एक गाड़ी वहां पहुंची। इसमें सिमरनजीत सिंह मान मरीज के भेष में बैठे थे। उन्होंने चेहरे पर पट्टियां बांध रखी थीं। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को गाड़ी में बैठे व्यक्ति पर शक हुआ। पुलिस ने गाड़ी रोककर जांच की। पहचान सिमरनजीत सिंह मान के रूप में होने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। कुछ समय बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी करीब तीन साल से मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर धरना दे रहे हैं। शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने राजभवन की ओर बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों की ओर से पुलिस पर पथराव किए जाने की भी जानकारी सामने आई।

इन बंदी सिखों की रिहाई की मांग
प्रदर्शनकारियों की ओर से जगतार सिंह हवारा, बलवंत सिंह राजोआना, जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भ्यौरा, देविंदरपाल सिंह भुल्लर, गुरदीप सिंह खेड़ा, लखविंदर सिंह लख्खा, गुरमीत सिंह और शमशेर सिंह समेत अन्य बंदी सिखों की रिहाई की मांग की जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इनमें से कई कैदी लंबे समय से जेलों में बंद हैं और अपनी सजा पूरी कर चुके हैं। इसी आधार पर उनकी तत्काल रिहाई की मांग की जा रही है।

Aditya
Author: Aditya

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