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बिहार सरकार का बड़ा फैसला, नगर विकास प्राधिकरण करेगा शहरों और सैटेलाइट टाउनशिप की निगरानी

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 पटना
प्रदेश में शहरों के विकास को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने, नए बनने वाले शहरों को सुव्यवस्थित करने तथा बनने वाले 12 सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन के लेन-देन को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से सरकार ने नगर विकास प्राधिकरण का गठन कर दिया गया है।

राज्य के मुख्य सचिव प्राधिकरण के अध्यक्ष होंगे जबकि नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव होंगे इसके उपाध्यक्ष होंगे। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इसका आदेश जारी कर दिया है।

जारी आदेश के अनुसार अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अलावा वित्त, उद्योग, पर्यटन, पर्यावरण, पथ निर्माण, ऊर्जा, जल संसाधन सहित कई विभागों के अधिकारी इसके सदस्य होंगे

प्राधिकरण का सबसे अहम काम शहरों के विकास से जुड़ी योजनाओं को एक साथ आगे बढ़ाना होगा। अभी शहरों में सड़क, पानी, नाली, सीवरेज, आवास और परिवहन जैसी सुविधाओं से जुड़े काम अलग-अलग विभागों के स्तर पर होते हैं।

प्राधिकरण इन कामों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद करेगा, ताकि एक विभाग के काम से दूसरे विभाग की योजना प्रभावित न हो।

भविष्य की जरूरत के हिसाब से विकास
नगर विकास एवं आवास विभाग के अनुसार राज्य में बढ़ती आबादी और तेजी से फैलते शहरों को देखते हुए प्राधिकरण लंबे समय की विकास योजना तैयार करने में भूमिका निभाएगा।

इसका उद्देश्य शहरों का बेतरतीब विस्तार रोकना और लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना होगा। नए इलाकों में सड़क, पानी, जल निकासी और दूसरी जरूरी सुविधाओं की जरूरत को पहले से ध्यान में रखकर विकास की योजना बनाने पर जोर रहेगा।

प्राधिकरण को संपत्ति खरीदने और रखने, समझौते करने तथा अपने नाम से मुकदमा करने या उसके खिलाफ मुकदमा चलाए जाने की कानूनी शक्ति भी होगी। फिलहाल इसका कार्यालय विकास भवन, नया सचिवालय के प्रथम तल पर नगर विकास एवं आवास विभाग में रहेगा।

ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र के जमीन धारकों को राहत
प्राधिकरण बनने के साथ ही ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र के जमीन मालिकों को राहत पहुंचेगी। विकास योजना के प्रारूप के प्रकाशन के बाद जमीन की खरीद-बिक्री या हस्तांतरण पर लगी रोक को हटाने का अधिकार प्राधिकरण के पास होगा।

यानी विकास योजना के अंतिम प्रकाशन तक हर मामले में इंतजार करना जरूरी नहीं होगा। प्राधिकरण विकास योजना और संबंधित नियमों को देखते हुए ऐसे मामलों में निर्णय ले सकेगा।

Aditya
Author: Aditya

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