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सरकारी आवास किराए पर चढ़ाना पड़ेगा भारी, नियम तोड़ने वालों पर होगा एक्शन

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चंडीगढ़.

सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को चंडीगढ़ में आवंटित सरकारी मकानों के दुरुपयोग, विशेषकर सबलेटिंग (किराये पर देने) की बढ़ती शिकायतों पर सरकार सख्त हो गई है। ऐसे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से स्व-प्रमाणन (सेल्फ-सर्टिफिकेशन) लिया जाएगा, जिन्हें चंडीगढ़ प्रशासन अथवा राज्य सरकार द्वारा सरकारी आवास आवंटित किए गए हैं।

नियमों की अनदेखी कर रहे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक आवंटी को यह प्रमाणित करना होगा कि उसने आवंटित सरकारी आवास किसी अन्य व्यक्ति को किराये पर नहीं दिया है तथा वह स्वयं उसी आवास में रह रहा है।

निर्माण संबंधी शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही है
यूटी चंडीगढ़ की हाउस अलॉटमेंट कमेटी के सचिव ने सरकार को अवगत कराया है कि कर्मचारियों को जनरल पूल से आवंटित सरकारी आवासों में सबलेटिंग, अनधिकृत कब्जे, दुरुपयोग तथा बिना अनुमति किए गए निर्माण संबंधी शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा सरकार ने निर्णय लिया है कि सभी पात्र सरकारी कर्मचारियों से स्व-प्रमाणन प्राप्त किया जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आवंटित सरकारी आवास का उपयोग नियमों के अनुरूप किया जा रहा है।

मुख्य सचिव ने दिए निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, हरियाणा लोक सेवा आयोग, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग, हरियाणा विधानसभा, पुलिस महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआइडी), लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) के इंजीनियर-इन-चीफ सहित सभी संबंधित कार्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने प्रशासनिक नियंत्रणाधीन ऐसे सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से निर्धारित प्रमाणपत्र प्राप्त करना सुनिश्चित करें, जिन्हें सरकारी आवास आवंटित किए गए हैं।

Aditya
Author: Aditya

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