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घुमंतू समुदाय के 472 परिवारों को मिला अपना घर, मुफ्त फ्लैट का आवंटन

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जयपुर
जयपुर में विमुक्त, घुमंतू और अर्धघुमंतू समुदाय के परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की ओर से तैयार किए गए 472 फ्लैट इन परिवारों को फ्री में आवंटित किए गए हैं। आज जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित कार्यक्रम में CM भजनलाल शर्मा ने लाभार्थियों को आवंटन पत्र सौंपे और फ्लैट की चाबियां भी दी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राजस्थान के हर जरूरतमंद परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को लंबे समय से स्थायी आवास की जरूरत थी उन्हें अब अपना घर मिल रहा है। सरकार राज्यभर में ऐसे परिवारों को आवास उपलब्ध करवाने की दिशा में काम कर रही है।

जयपुर के जयसिंहपुरा क्षेत्र में है फ्लैट
जयपुर में दिए गए इन फ्लैट का निर्माण JDA ने जयसिंहपुरा क्षेत्र में करवाया है। फ्लैट मिलने के बाद 472 परिवारों को स्थायी छत मिल सकेगी। इन आवासों में परिवार की जरूरत को ध्यान में रखते हुए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

एक रूम, हॉल और किचन की सुविधा
JDA की ओर से बनाए गए प्रत्येक फ्लैट में एक रूम, हॉल, किचन और लेट-बाथ की सुविधा दी गई है। यानी लाभार्थी परिवारों को रहने के साथ खाना बनाने और दैनिक जरूरतों के लिए जरूरी स्थान भी उपलब्ध कराया गया है। सबसे खास बात यह है कि इन फ्लैटों का आवंटन लाभार्थियों को फ्री किया है।

समारोह में कई मंत्री रहे मौजूद
फ्लैट आवंटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ नगरीय स्वायत्त शासन एवं विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा, कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत मौजूद रहे। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर जरूरतमंद परिवार को आवास उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसे परिवारों तक पहुंचने और उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास कर रही है। इस आवास योजना से लाभ पाने वाले परिवार के सदस्य खुशी से झूम उठे। ये उनके लिए केवल एक फ्लैट मिलने की खबर नहीं बल्कि स्थायी आवास और बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब इन परिवारों को किराए या अस्थायी ठिकानों पर निर्भर रहने के बजाय अपना स्थायी घर मिल सकेगा।

 

Aditya
Author: Aditya

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