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रेलवे का बड़ा फैसला, बिहारशरीफ में 495 करोड़ से बनेगा आधुनिक कोचिंग कॉम्प्लेक्स

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 पटना
 पूर्व मध्य रेल के गया रूट से चलने वाली ट्रेनों के रखरखाव की व्यवस्था अब और बेहतर होने वाली है। पूर्व मध्य रेल के प्रस्ताव पर रेलवे बोर्ड ने बिहारशरीफ में नया कोचिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की मंजूरी दे दी है।

राजेंद्र नगर कोचिंग कॉम्प्लेक्स की तर्ज पर विकसित किए जाने वाले इस परिसर में ट्रेनों की सफाई, धुलाई, जांच और आवश्यक मरम्मत की सुविधा उपलब्ध होगी।

इससे गया रूट की ट्रेनों को रखरखाव के लिए पटना लाने की जरूरत कम होगी। रेलवे ने नए कोचिंग कॉम्प्लेक्स के लिए बिहारशरीफ और पावापुरी के बीच स्थान का चयन किया है।

इससे पहले शेखपुरा और बिहारशरीफ में परिसर बनाने के विकल्प पर विचार किया गया था। सर्वे और परिचालन संबंधी जरूरतों को देखते हुए बिहारशरीफ को उपयुक्त पाया गया।

परियोजना पर करीब 495 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। बजट उपलब्ध होने के बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और रेलवे का लक्ष्य इसे करीब दो वर्ष में तैयार करने का है।

गया रूट की ट्रेनों को मिलेगा स्थानीय रखरखाव केंद्र
अभी गया रूट की कई ट्रेनों की सफाई और अनुरक्षण के लिए उन्हें राजेंद्र नगर कोचिंग कॉम्प्लेक्स लाया जाता है। ट्रेन को निर्धारित स्थान तक लाने और वापस भेजने में समय के साथ-साथ परिचालन संसाधनों की भी खपत होती है।

बिहारशरीफ में नया परिसर तैयार होने के बाद ट्रेनों का रखरखाव उसी क्षेत्र के नजदीक किया जा सकेगा। इससे ट्रेनों के खाली परिचालन में कमी आएगी और उपलब्ध समय का बेहतर इस्तेमाल होगा।

बढ़ेगी ट्रेनों की संख्या, परिचालन होगा आसान
गया रूट पर पिछले कुछ समय में ट्रेनों की संख्या और परिचालन का दबाव बढ़ा है। पटना से नवादा तक सीधी रेल कनेक्टिविटी विकसित होने से इस पूरे क्षेत्र का पटना से संपर्क भी मजबूत हुआ है।

रेल अधिकारियों के अनुसार नवादा से बिहारशरीफ की दूरी करीब 31 किलोमीटर और बिहारशरीफ से पटना की दूरी लगभग 79 किलोमीटर है।

दोनों को मिलाकर करीब 110 किलोमीटर की दूरी रेल से तय की जा सकेगी। ऐसे में बिहारशरीफ में कोचिंग कॉम्प्लेक्स बनने से इस पूरे रेल नेटवर्क को परिचालन स्तर पर फायदा मिलने की उम्मीद है।

यात्रियों को भी अप्रत्यक्ष लाभ
नया कोचिंग काम्प्लेक्स बनने से ट्रेनों की समय पर सफाई और अनुरक्षण की क्षमता बढ़ेगी। कोचों की नियमित जांच और मरम्मत स्थानीय स्तर पर होने से रेक को जल्दी सेवा में वापस लाने में मदद मिलेगी।

इसका सीधा असर ट्रेन संचालन की विश्वसनीयता पर पड़ेगा और भविष्य में गया, नवादा, बिहारशरीफ और पटना क्षेत्र के बीच अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन के लिए भी आधारभूत ढांचा तैयार होगा।

रेलवे की योजना के अनुसार, आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह परिसर पूर्व मध्य रेल के इस महत्वपूर्ण रेलखंड के लिए एक प्रमुख अनुरक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

Aditya
Author: Aditya

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