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उज्जैन की बहादुर बेटी मोनिका को सलाम! क्षिप्रा में बचाई थी बच्ची की जान, अब राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

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उज्जैन
हादसों ने घर की जिम्मेदारी दी, लेकिन कभी हौसला नहीं तोड़ा। आज उसी हौसले का इनाम मिलने जा रहा है। उज्जैन की 30 वर्षीय बेटी मोनिका सूर्यवंशी को 15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खुद अपने हाथों से सम्मानित करेंगी। इसके लिए मोनिका को राष्ट्रपति भवन से आमंत्रण पत्र आया है। मोनिका को निमंत्रण मिलना उज्जैन ही नहीं, मध्य प्रदेश के लिए भी गौरव का क्षण है।

बताया जाता है कि अप्रैल 2026 में उज्जैन की पंचकोशी यात्रा के दौरान मोनिका की ड्यूटी श्री रामघाट, क्षिप्रा नदी पर युवा आपदा मित्र के रूप में लगी थी। उस दौरान एक परिवार स्नान के लिए पहुंचा था। अचानक 14 वर्षीय बच्ची गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। मोनिका ने पल भर भी नहीं गंवाया। लाइफ जैकेट पहनकर सीधे नदी में कूद गईं और बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

सिर्फ ट्रेनिंग नहीं, हिम्मत का इम्तिहान भी पास किया
मोनिका ने मार्च 2026 में 7 दिन का युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण लिया। बाढ़, आग, भूकंप, खोज-बचाव और प्राथमिक उपचार का व्यावहारिक प्रशिक्षण लेकर उन्होंने उसे सिर्फ सर्टिफिकेट तक सीमित नहीं रखा। ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों को आपदा से बचाव के बारे में जागरूक भी किया। अभी वह बाबा महाकाल की सवारी में ड्यूटी दे रही हैं और आगामी सिंहस्थ में भी सेवा का संकल्प लिया है।

पिता का साया छूटा, पर सपना जिंदा रहा
तीन साल पहले पिता के निधन के बाद घर की बड़ी बेटी होने के नाते जिम्मेदारी मोनिका के कंधों पर आ गई। बीसीए-सीएस पढ़ी मोनिका का सपना डिफेंस में जाने का था। परिस्थितियों ने साथ नहीं दिया, तो उन्होंने हार नहीं मानी। होमगार्ड युवा आपदा मित्र बनकर देश सेवा का रास्ता चुना। 

देशभर से पांच लोगों का चयन
मध्य प्रदेश के 11 जिलों में शुरू हुए युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण के पहले चरण में उज्जैन से मोनिका का चयन हुआ। ट्रेनिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन और मैदान पर दिखाई गई बहादुरी के कारण देशभर से चुने गए सिर्फ पांच युवा आपदा मित्रों में मोनिका का नाम शामिल है। मध्य प्रदेश से मोनिका के अलावा हेमलता का भी चयन हुआ है। बाकी 3 युवा नागालैंड, मिजोरम, उत्तराखंड और कर्नाटक से हैं।

राष्ट्रपति के हाथों मिलेगा सम्मान
राष्ट्रपति भवन से मिला आमंत्रण पत्र जब मोनिका को अधिकारियों ने सौंपा तो यह उनके लिए ही नहीं, बल्कि उज्जैन और मध्य प्रदेश के लिए भी गौरव का क्षण बन गया। 15 अगस्त के मौके पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मोनिका को सम्मानित किया जाएगा। उनके लिए यह सिर्फ एक पुरस्कार या सम्मान नहीं, बल्कि उन तमाम युवाओं के लिए संदेश है, जो परिस्थितियों को अपनी सफलता के रास्ते की सबसे बड़ी बाधा मान लेते हैं। 

Aditya
Author: Aditya

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