Edition

दिल्ली जू में फिर गूंजेगी जेब्रा-जिराफ की आहट, 109 प्रजातियों का होगा संसार

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नई दिल्ली
चिड़ियाघर में कभी जेब्रा और जिराफ बच्चों के पसंदीदा जानवर हुआ करते थे, अब फिर से उनकी वापसी की तैयारी है। करीब 15 साल बाद जेब्रा और 11 साल बाद जिराफ का इंतजार खत्म होने वाला है। नई योजना के तहत दिल्ली चिड़ियाघर में नई बिल्डिंग और आधुनिक सुविधाओं के साथ दुर्लभ वन्यजीवों का बड़ा संसार बसाने की तैयारी है। करीब 109 प्रजातियों के वन्यजीव देखने को मिलेंगे। इनमें जेब्रा, जिराफ और चीता के अलावा न्यू वर्ल्ड मंकी और माउस डियर भी शामिल हैं।

  • चिड़ियाघर में आखिरी जेब्रा की मौत 30 अप्रैल 2011 को हुई थी।
  • वहीं, अंकित नाम के आखिरी जिराफ की जून 2015 में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी।
  • करीब 30 साल पहले चिड़ियाघर में 130 से अधिक प्रजातियों के जीव थे।
  • अब करीब 93 प्रजातियों के 1245 जानवर ही रह गए हैं।
  • देश-विदेश के अलग-अलग चिड़ियाघरों से वन्यजीवों को लाने के लिए 3.78 करोड़ रुपये की रकम तय की गई है।
  • पिछले साल रिलायंस कंपनी के ग्रीन जूलॉजिकल रिसर्च एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर (GZRRC), नेशनल जूलॉजिकल पार्क (दिल्ली चिड़ियाघर) और गुजरात राज्य सरकार के बीच समझौता हुआ था।
  • इसके बाद चिड़ियाघर के आधुनिकीकरण की योजना परवान चढ़ी। इसके लिए केंद्रीय मंत्रालय ने 400 करोड़ रुपये के खर्च की सहमति दी थी।

स्वागत की तैयारी
    जू में करीब 15 साल से जेब्रा और 11 साल से नहीं है कोई जिराफ
    वन्यजीवों की प्रजातियों की संख्या 93 से 109 करने की तैयारी
    400 करोड़ रुपये से होगा चिड़ियाघर का आधुनिकीकरण

विजिटर्स के लिए ये रहेंगी सुविधाएं
मथुरा रोड से लेकर चिड़ियाघर के एंट्री गेट तक करीब 6 एकड़ इलाके में विजिटर्स के लिए कई सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। बस, कार, थ्री व्हीलर और पैदल यात्रियों के लिए अलग-अलग 4 रास्ते बनाए जाएंगे। चिड़ियाघर के कुछ बाड़ों में लैमिनेटेड ग्लास की दीवारें लगाई जाएंगी। इसके साथ ही यह लैमिनेटेड ग्लास का इस्तेमाल करने वाला देश का पहला चिड़ियाघर बनेगा। शुरुआत में मोटे लैमिनेटेड ग्लास टाइगर और बंदरों के बाड़ों में लगाए जाएंगे।

 

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!