MP-UP बॉर्डर पर पशु तस्करों और बकरी लुटेरों के खिलाफ सर्चिंग तेज, जंगल-पहाड़ी इलाकों में पुलिस की गश्त..

रेवांचल रोशनी। मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सीमा से लगे तराई क्षेत्र में पशु तस्करों और बकरी लूटने वाले गिरोहों की सक्रियता को देखते हुए दोनों राज्यों की पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। सोमवार को उत्तर प्रदेश के मानिकपुर और मारकुंडी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सीमावर्ती इलाकों में कॉम्बिंग अभियान चलाकर संदिग्ध गतिविधियों की तलाश की।
कॉम्बिंग के दौरान पुलिस टीमों ने जंगल और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति का जायजा लिया। पुलिसकर्मियों ने चरवाहों, लकड़हारों और स्थानीय ग्रामीणों से भी बातचीत कर क्षेत्र में संदिग्ध लोगों और गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाई।

सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन सर्चिंग
मध्य प्रदेश की ओर सतना जिले के धारकुंडी, चित्रकूट, बरौंधा और मझगवां थाना क्षेत्रों की पुलिस ने भी सीमावर्ती इलाकों में सघन सर्चिंग अभियान चलाया। टीमों ने जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में गश्त करते हुए ग्रामीणों से संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी ली।
पुलिस ने ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए अपील की कि क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
पहले भी सक्रिय रहे हैं गिरोह
पुलिस के अनुसार, सीमावर्ती इलाकों में पशु तस्करी और बकरी लूट से जुड़े गिरोह पहले भी सक्रिय रहे हैं। ये गिरोह मुख्य रूप से चरवाहों और बकरी पालकों को निशाना बनाते हैं। पूर्व में पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है, लेकिन संभावित रूप से गिरोहों की गतिविधियों को देखते हुए सीमा क्षेत्र में निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है।
जंगल और पहाड़ी रास्तों पर विशेष नजर
दोनों राज्यों की पुलिस का विशेष ध्यान जंगल, पहाड़ी और सुनसान इलाकों पर है। कॉम्बिंग अभियान के दौरान ऐसे रास्तों और स्थानों को भी चिन्हित किया गया, जिनका इस्तेमाल संदिग्ध लोग छिपने या आवाजाही के लिए कर सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, संयुक्त सर्चिंग अभियान का उद्देश्य अपराधियों पर दबाव बनाना, सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और ग्रामीणों में भरोसा कायम करना है। सीमा क्षेत्र में पुलिस की गश्त और निगरानी आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।









