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एटीएस ने पकड़ा जाली नोट गिरोह, पाकिस्तान से यूपी तक फैला था नेटवर्क

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लखनऊ
 आतंकवाद निरोधक दस्ता ने राज्य में जाली भारतीय मुद्रा की सप्लाई करने वाले तस्करों के गिरोह के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। जाली भारतीय मुद्रा की सप्लाई करने वाले गिरोह के दो सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद एटीएस को उनसे पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं।

एटीएस ने गिरोह के अन्य सदस्यों की भी जानकारी आरोपितों से उगलवाई है। एक आरोपित का भाई भी इस गिरोह में शामिल है, जो दिल्ली में जाली भारतीय मुद्रा की सप्लाई करता था। एटीएस ने गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें बनाई हैं।

एटीएस ने शनिवार को लखनऊ से जाली भारतीय मुद्रा की सप्लाई करने वाले गिरोह के कासगंज निवासी अजीम खान व राजा उर्फ समीरुल को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में एटीएस को यह जानकारी मिली है कि पाकिस्तान में छपे उच्च गुणवत्ता वाली भारतीय जाली मुद्रा भारत-बांग्लादेश सीमा से पास स्थित मालदा के एक तस्कर द्वारा उपलब्ध कराई जाती थी।

दो साल से सक्रिय था गिरोह
500-500 रुपये के नोटों वाली यह मुद्रा देखने में एकदम असली लगती है। आम नागरिक इनमें और असली नोटों में फर्क नहीं बता सकता है। एक लाख रुपये के बदले उन्हें तीन लाख रुपये के नोट मिलते थे। आरोपितों द्वारा इनकी सप्लाई उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों सहित दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में 50 प्रतिशत दर पर की जाती थी।

बंगाल से यूपी तक ट्रेन के जरिए इन नोटों की सप्लाई गिरोह की महिला सदस्यों द्वारा की जाती थी। इसके बाद गिरोह के सदस्यों को उनके क्षेत्रों के हिसाब से आगे सप्लाई के लिए यह नोट दिए जाते थे। आरोपितों ने यह जानकारी भी दी है कि उनका गिरोह दो वर्षों से सक्रिय था।

पहले यह लोग बंगाल के एक गिरोह के लिए उत्तर प्रदेश में जाली नोटों की सप्लाई करते थे। इस धंधे में एक आरोपित ने अपने भाई को भी शामिल कर लिया था। उसके जरिए दिल्ली में जाली नोटों की सप्लाई की जाती थी। फिलहाल एटीएस ने गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।

Aditya
Author: Aditya

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