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7वें पे कमीशन में बड़ा बदलाव, बंगाल कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मियों जैसा वेतन

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नई दिल्ली
 पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन होने के बाद 7वें पे कमीशन का ऐलान हुआ था। पे कमीशन ने कई नियम और शर्तों को शामिल किया है। जिसकी वजह से कर्मचारियों को ज्यादा फायदा होगा। इसमें मुख्यतः सालाना इंक्रीमेंट बढ़ाने से लेकर, केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर सैलरी देना है।

5% सालाना इंक्रीमेंट (pay commission updates)
सैलरी के मोर्चे पर सालाना 5 प्रतिशत के इंक्रीमेंट का फेमवर्क करने का सुझाव दिया गया है। मौजूदा समय में राज्य कर्मचारियों को 3 प्रतिशत एनुअल इंक्रीमेंट मिल रहा है। इसके अलावा फैमिली यूनिट को 5 करने की भी मांग हुई है। पहले के पे कमीशन में फैमिली यूनिट 3.5 थी। इन सबके अतिरिक्त 11 साल बाद रूपांतरित पेंशन की बहाली करना पश्चिम बंगाल के सातवें वेतन आयोग के नियमों और शर्तों में शामिल हैं। बता दें, आयोग को मौजूदा वेतन ढांचे, भत्तों, पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य रिटायरमेंट से जुड़े लाभों की समीक्षा कर उन्हें मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों तथा महंगाई के अनुरूप तर्कसंगत बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।

केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर मिले वेतन
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार प्रस्तावों का मकसद सर्विस शर्तों के सभी प्रमुख पहलुओं को इसमें शामिल करते हुए मौजूदा व्यवस्था की कमियों को दूर करना है। सातवें वेतन आयोग के कार्य-दायरे में राज्य सरकार के कर्मचारियों और केंद्रीय वेतन आयोग के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के वेतन स्तर में समानता लाना, पूरे देश में एक जैसा स्तर हासिल करना और वेतन ढांचे में अंतर के कारण होने वाले कानूनी विवादों को कम करना शामिल है।

DA पर भी होगा फैसला
पे कमीशन मौजूदा मंहगाई भत्ते को राज्य में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स से जोड़ने की भी सलाह दे सकता है। साथ ही इस समय से भुगतान करने के लिए तय प्रक्रिया का सुझाव दे सकता है। इसके अलावा केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले एचआरए और ट्रांसपोर्ट भत्ता को भी रिव्यू करेगा।

प्रमोशन के पीरियड में भी बदलाव
पैनल 5 साल, 8 साल, 12, 18 और 24 साल के नौकरी के दौरान प्रमोशन का सुझाव भी दिया है। मौजूदा समय में यह 8 साल, 15 और 24 साल का टाइम पीरियड तय किया गया है। नौकरी और रिटायरमेंट के वक्त कर्मचारियों को कैशलेस सुविधा की भी मांग हुई है। जिसमें डॉक्टर की फीस भी शामिल है। बता दें, आयोग से कहा गया है कि वह एक जनवरी, 2026 से संशोधित वेतन ढांचे को केवल कागजी तौर पर नहीं, बल्कि असल में लागू करने पर विचार करे।

Aditya
Author: Aditya

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