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सतना,सड़क पर किताबें, सिर के ऊपर ट्रैक्टर-डंपरों का खतरा, दिदौध के बच्चों की मजबूरी…..

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29 साल से स्कूल भवन का इंतजार, सड़क बनी कक्षा, ट्रैक्टर-डंपरों के बीच पढ़ने को मजबूर दिदौध के बच्चे…

सतना। जिले की कोठी तहसील के दिदौध गांव के भरसिहान टोला में सरकारी प्राथमिक शाला की बदहाल स्थिति शिक्षा व्यवस्था के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। वर्ष 1997 से संचालित यह स्कूल करीब 29 साल बाद भी अपने स्थायी भवन का इंतजार कर रहा है। पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण बच्चों की कक्षाएं कई बार सड़क किनारे लगानी पड़ रही हैं। जिस सड़क पर मासूम बैठकर पढ़ते हैं, उसी रास्ते से दिनभर ट्रैक्टर, डंपर, दोपहिया और अन्य वाहन गुजरते रहते हैं।

किराए के कमरे में स्कूल, बच्चों के लिए जगह कम

ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल का अपना भवन नहीं होने के कारण फिलहाल एक किराए के कमरे में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। कमरे में सभी बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण शिक्षकों को मजबूरी में सड़क किनारे कक्षाएं लगानी पड़ती हैं।

सड़क पर लगातार वाहनों की आवाजाही के बीच बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। भारी वाहनों के गुजरने से होने वाला शोर और हॉर्न कक्षा के माहौल को बाधित करता है। इससे भी बड़ी चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर है।

ट्रैक्टर-डंपरों के बीच पढ़ाई, हादसे का खतरा

सड़क किनारे बैठे छोटे बच्चों के पास से तेज रफ्तार वाहन गुजरते हैं। ट्रैक्टर और डंपर जैसे भारी वाहनों की आवाजाही के बीच किसी भी समय गंभीर हादसा होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पढ़ाने की व्यवस्था करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

सड़क पर पालतू जानवरों और अन्य लोगों की आवाजाही भी बनी रहती है, जिससे बच्चों और शिक्षकों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ता है।

1997 से मांग, तीन दशक में भी नहीं बना भवन

ग्रामीणों का दावा है कि स्कूल के संचालन के समय से ही भवन निर्माण की मांग की जाती रही है। करीब तीन दशक बीत गए, लेकिन स्कूल को अब तक स्थायी भवन नसीब नहीं हुआ। इस दौरान कई सरकारें बदलीं, अधिकारी और जनप्रतिनिधि बदले, लेकिन भरसिहान टोला के बच्चों की समस्या जस की तस बनी हुई है।

ग्रामीणों के मुताबिक, जनपद पंचायत से लेकर जिला स्तर तक कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया। हर बार आश्वासन मिला, लेकिन स्थायी समाधान जमीन पर नजर नहीं आया।

बारिश में बढ़ जाती है मुश्किल

बारिश के मौसम में बच्चों की परेशानी और बढ़ जाती है। सड़क किनारे कक्षा लगाना बारिश के दौरान संभव नहीं रहता। ऐसे में बच्चों को सुरक्षित स्थान की तलाश करनी पड़ती है और कई बार पढ़ाई प्रभावित होती है।

ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश की स्थिति में बच्चों की नियमित शैक्षणिक गतिविधियां बाधित होने की आशंका बनी रहती है।

डीपीसी बोले- अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत, जानकारी लेकर कराएंगे निर्माण

मामले में डीपीसी सतना दिवाकर तिवारी ने बताया कि दिदौध के भरसिहान टोला में स्कूल का अपना भवन नहीं है और फिलहाल स्कूल का संचालन कुशवाहा के घर में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल सड़क पर किन परिस्थितियों में लगाया जा रहा है, इसकी जानकारी ली जाएगी।

डीपीसी के अनुसार, विद्यालय के लिए अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत है और जल्द ही इसका निर्माण कराया जाएगा।

भवन नहीं बना तो प्रदर्शन और चक्काजाम की चेतावनी

स्कूल भवन की समस्या को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर बच्चों के लिए सुरक्षित भवन उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे बच्चों के साथ जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन और चक्काजाम करेंगे।

29 साल का इंतजार अब सवाल बन चुका है—आखिर दिदौध के इन बच्चों को सुरक्षित स्कूल भवन कब मिलेगा?

Kishan Gupta
Author: Kishan Gupta

journalist

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