पूर्व विधायक ने प्रतिमा बागरी और सरकार पर साधा निशाना, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दे उठाए, विकास कार्यों के खर्च का सार्वजनिक हिसाब मांगने की मांग…..
सतना। रैगांव विधानसभा क्षेत्र में विकास को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व विधायक कल्पना वर्मा ने क्षेत्रीय विधायक एवं राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि रैगांव को आदर्श विधानसभा बनाने के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते। उनके मुताबिक विकास के दावे कागजों और अखबारों तक सीमित हैं, जबकि कई गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं।
कल्पना वर्मा ने कहा कि मोटवा सहित विधानसभा के कई गांवों में आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव है। कुछ गांवों में विद्यालय तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं है, जबकि कई जगह स्कूल भवनों की कमी बताई गई है। उन्होंने दावा किया कि सड़क के अभाव में मरीजों को चारपाई पर अस्पताल तक ले जाने की स्थिति बनी हुई है।
पूर्व विधायक ने रैगांव विधानसभा मुख्यालय स्थित महाविद्यालय की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कॉलेज भवन का निर्माण अब तक पूरा नहीं हुआ और विद्यार्थियों के प्रवेश को लेकर भी स्थिति चिंताजनक है।
रोजगार और विकास राशि पर भी सवाल…. वर्मा ने आरोप लगाया कि राज्यमंत्री के करीब ढाई वर्ष के कार्यकाल में क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं बने और कोई बड़ा उद्योग स्थापित नहीं हुआ। उन्होंने विधायक निधि सहित शासन से मिलने वाली विकास राशि के उपयोग का भी सार्वजनिक विवरण जारी करने की मांग की।
उन्होंने क्षेत्र में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए गरीबी रेखा की सूची में नाम जोड़ने के लिए पांच से दस हजार रुपये मांगने की शिकायतों का भी जिक्र किया।
हाल ही में 77 किलोमीटर सड़क निर्माण के दावे पर सवाल उठाते हुए वर्मा ने कहा कि यदि इतना विकास हुआ है तो ग्रामीण आज भी सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी समस्याओं से क्यों जूझ रहे हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि रैगांव विधानसभा में हुए विकास कार्यों और खर्च की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि जनता खुद तय कर सके कि विकास जमीन पर कितना हुआ और दावों में कितना।