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गया में मैग्नेटाइट-रेयर मेटल, रोहतास में ग्लूकोनाइट के भंडार से बढ़ेंगी खनन संभावनाएं

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पटना
 बिहार में वृहद खनिज के चिह्नित 14 खनिज ब्लॉकों में से गया और रोहतास में खनन की तैयारी तेज हो गई है। गया में लौह अयस्क के रूप में मैग्नेटाइट और रेयर मेटल के भंडार का पता चला है। सर्वे के आधार पर गया के खिजरसराय प्रखंड में सपनेरी और शेरघाटी के पास बांके बाजार प्रखंड अंतर्गत लुटुआ ग्राम पंचायत में ब्लॉक चिह्नित किए गये हैं। रोहतास जिले के रोहतास और नौहट्टा प्रखंड के नवाडीह, शाहपुर, अकबरपुर और टीपा में ग्लूकोनाइट के ब्लॉक चिह्नित हुए हैं।

खान एवं भूतत्व विभाग के मुताबिक, केंद्र सरकार के स्तर पर इन वृहद ब्लॉकों की नीलामी होगी। इसके लिए केंद्र सरकार के खान एवं भूतत्व मंत्रालय की एक टीम 17 अगस्त को पटना आयेगी। विभाग ने बताया कि रोड शो का उद्देश्य संभावित निवेशकों को जानकारियां देना, औद्योगिक संभावनाओं को उजागर करना और नयी नीति व नियमों के बारे में सूचित करना है। रोड शो में ब्लॉकों की नीलामी की समय-सारणी, बोली प्रक्रिया, पर्यावरण-अनुमति, सामाजिक प्रभावों के आकलन और स्थानीय लोगों के लिये सृजित होने वाले रोजगार पर प्रकाश डाला जाएगा। खनन विभाग के अधिकारियों के अनुसार गया और रोहतास में किए गए सर्वे में मैग्नेटाइट, वैनेडियम और ग्लूकोनाइट के भी महत्वपूर्ण भंडार मिले हैं।

5000 करोड़ का राजस्व मिलने की उम्मीद
खान एवं भूतत्व विभाग के मुताबिक जीएसआई की रिपोर्ट पर भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा बिहार में वृहद खनिज के 14 ब्लॉक नीलामी को लेकर उपलब्ध कराए गये हैं। इनमें से रोहतास के दो और गया के एक ब्लॉक की नीलामी केंद्र, जबकि रोहतास के एक ब्लॉक की नीलामी राज्य सरकार ने कराई है। शेष 10 ब्लॉकों के नीलामी की प्रक्रिया चल रही है।

नीलामी पूरी होने पर राज्य सरकार को 5000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिलने की उम्मीद है।

ग्लूकोनाइट पोटेशियम
रोहतास में मिला ग्लूकोनाइट पोटेशियम (पोटाश) का बड़ा स्रोत है। इसका उपयोग खेती में मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और व्यावसायिक उर्वरक पाउडर बनाने में कच्चे माल के रूप में होगा।

वैनेडियम: वैनेडियम का लगभग 85 से 90 हिस्सा मिश्र धातु के रूप में उपयोग होता है। इसका उपयोग पुलों, गगनचुंबी इमारतों, सुरंगों और साइकिल फ्रेम आदि में होने वाले मजबूत स्टील सरियों को बनाने में होता है।
मैग्नेटाइट

मैग्नेटाइट में धातु (लोहे) का अंश लगभग 60 से 72 फीसदी तक पाया जाता है। इसका सबसे बड़ा उपयोग स्टील और आयरन बनाने के लिए लौह-अयस्क के रूप में होता है।

क्या कहते हैं अधिकारी?
गया और रोहतास में खनन के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर नीलामी प्रक्रिया की जा रही है। इसको लेकर केंद्रीय टीम 17 अगस्त को पटना पहुंचेगी। इस मौके पर रोड शो भी होगा। -अवनीश कुमार सिंह, सचिव, खान एवं भूतत्व विभाग।

Aditya
Author: Aditya

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