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जयपुर की सड़क जाम से राहत की उम्मीद, अवैध कब्जों पर हाईकोर्ट सख्त

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जयपुर
न्यू सांगानेर रोड पर सालों से ट्रैफिक जाम की वजह बने अतिक्रमणों पर अब बड़ा एक्शन होने वाला है। राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) को साफ निर्देश दिए हैं कि सोडाला से गुर्जर की थड़ी तक फैले सभी स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण दो महीने के अंदर हटाए जाएं। अदालत ने JDA की साढ़े पांच महीने का समय मांगने वाली दलील भी खारिज कर दी। अब जेडीए को तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करनी होगी और 6 अक्टूबर तक हाईकोर्ट में पालना रिपोर्ट भी पेश करनी होगी।

अतिक्रमण की वजह से सड़क की चौड़ाई घटी
जनहित याचिका में बताया गया कि जयपुर मास्टर प्लान के अनुसार, सोडाला से गुर्जर की थड़ी तक न्यू सांगानेर रोड की चौड़ाई 100 फीट तय है, जबकि विश्वा नगर की आंतरिक सड़कें 30 फीट चौड़ी हैं। इसके अलावा लगातार हुए अतिक्रमण और सड़क किनारे अवैध पार्किंग के कारण कई जगह सड़क की उपयोगी चौड़ाई करीब 20 फीट तक सिमट गई है। इसका सबसे ज्यादा असर रोजाना आने-जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है।

कोर्ट ने JDA की ज्यादा समय वाली मांग नहीं की स्वीकार
सुनवाई के दौरान JDA की ओर से अधिवक्ता अमित कुड़ी ने अदालत को बताया कि कार्रवाई शुरू करने से पहले पूरे 2.4 किलोमीटर लंबे मार्ग का ड्रोन मैपिंग के जरिए वैज्ञानिक सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद मास्टर प्लान और जोनल डेवलपमेंट प्लान से मिलान कर अतिक्रमण चिन्हित किए जाएंगे। फिर JDA एक्ट की धारा 72 के तहत नोटिस जारी होंगे, आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा, पुलिस बल की मदद ली जाएगी और उसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी। JDA का कहना था कि इस पूरी प्रक्रिया में करीब साढ़े पांच महीने लगेंगे, लेकिन हाईकोर्ट ने यह मांग स्वीकार नहीं की और दो महीने की समयसीमा तय कर दी।

याचिका में ये उठाई गई मांगें
याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता डॉ. गीतेश जोशी ने कोर्ट को बताया कि न्यू सांगानेर रोड पर जगह-जगह हुए अतिक्रमण और सड़क पर खड़ी रहने वाली गाड़ियों की वजह से सड़क काफी संकरी हो गई है। इससे हर दिन लोगों को जाम और आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि सड़क को मास्टर प्लान के मुताबिक उसकी पूरी चौड़ाई में वापस लाया जाए। साथ ही विश्वा नगर की 30 फीट चौड़ी सड़कों से भी अतिक्रमण हटाया जाए। इसके अलावा सड़क किनारे चल रही बिना अनुमति वाली व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगे और आगे कोई दोबारा सड़क पर कब्जा न कर सके, इसके लिए भी पक्की व्यवस्था की जाए। इन सभी बातों पर गौर करते हुए हाईकोर्ट ने जेडीए को तय समय के अंदर कार्रवाई पूरी कर उसकी रिपोर्ट अदालत में पेश करने को कहा।

 

Aditya
Author: Aditya

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