Edition

Punjab Assembly Update: मानसून सत्र स्थगित, स्कूल फीस रेगुलेटरी बिल पर सोमवार को होगी चर्चा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

चंडीगढ़.

पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार की कार्रवाई शांतिमय ढंग से खत्म हुई। स्पीकर ने इसे सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया। इसके साथ ही स्कूल फीस रेगुलेटरी बिल पेश कर दिया गया। जिसे शिक्षा मंत्री ने पेश किया। स्पीकर ने जानकारी दी कि सोमवार को सदन में स्कूल फीस रेगुलेटरी बिल पर बहस होगी।

शुक्रवार सदन की कार्यवाही शुरुआत स्पीकर की झिड़कियों के साथ हुई। कार्यवाही के दौरान कुछ विधायक आपस में बातचीत में व्यस्त दिखाई दिए, जिस पर स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि बातचीत ही करनी है तो सदन के पीछे बने कमरे में जाकर करें और सदन का डेकोरम बनाए रखें। स्पीकर की इस टिप्पणी के साथ ही दिन की कार्यवाही की शुरुआत हुई। आज भी कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी के साथ सदन पहुंचे। यह मौजूदा सरकार के कार्यकाल का अंतिम मानसून सत्र माना जा रहा है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस विधायक लगातार तीसरे दिन भी काले पटके पहनकर विधानसभा पहुंचे और सदन के बाहर प्रदर्शन किया। सदन में पंजाब खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड की वर्ष 2020-21 और 2021-22 की वार्षिक लेखा रिपोर्ट पेश की गई। इसके साथ ही पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन विधेयक, 2026 पर तत्काल विचार कर उसे पारित करने का प्रस्ताव भी रखा गया।

मरे लोगों पर हुए पर्चे
कार्यवाही के दौरान आम आदमी पार्टी के विधायक गुरदित्त सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र की सिंचाई खालों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र का एक पटवारी खुद को मुख्य सचिव समझता है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की मौत हो चुकी है, उनके नाम पर भी पर्चे दर्ज कर दिए गए। इतना ही नहीं, सिंचाई के पानी के बंटवारे में भी भेदभाव किया जा रहा है। विधायक ने आरोप लगाया कि कहीं एक एकड़ जमीन के लिए 22 मिनट तो कहीं 28 मिनट तक पानी दिया जा रहा है।

पंचायती भूमि की नीलामी का मुद्दा उठा
वहीं, आम आदमी पार्टी के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने गांव दौलतपुर की पंचायत भूमि की नीलामी का मुद्दा उठाया। इस पर राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि समय पर नीलामी कराई गई थी, लेकिन किसी ने बोली नहीं लगाई। अब तीसरी बार नीलामी कराई जा रही है और सरकार का प्रयास है कि पंचायत की जमीन कम से कम 20 प्रतिशत अधिक दर पर जाए। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विधायक ग्यासपुरा ने कहा कि यदि मंत्री गांव दौलतपुर में नीलामी कराए जाने की बात साबित कर दें तो वह विधायक पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सदन झूठ बोलने का अड्डा नहीं है, इसलिए यहां सच ही बोला जाना चाहिए।

अवैध माइनिंक का मुद्दा उठा
सदन में कानून-व्यवस्था, अवैध माइनिंग, पेपर लीक और बेअदबी जैसे मुद्दों की भी जोरदार गूंज सुनाई दी। कांग्रेस ने इन सभी मामलों में सरकार को घेरने की कोशिश की। वहीं भारतीय जनता पार्टी के दोनों विधायकों ने अवैध माइनिंग का मुद्दा उठाया, जबकि शिरोमणि अकाली दल के विधायक बेअदबी की घटनाओं को लेकर सरकार से जवाब मांगते नजर आए।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!