Edition

छत्तीसगढ़ में बाढ़ राहत के बाद पुनर्वास मिशन शुरू, प्रभावित परिवारों को मिलेगी नई मदद

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

बीजापुर.

बीजापुर में बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब नुकसान के आकलन का दौर शुरू हो गया है. कलेक्टर विश्वदीप ने सभी विभागों को त्वरित सर्वे के निर्देश दिए हैं. पात्र मामलों में आरबीसी 6-4 के तहत सहायता जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया.

भोपालपटनम और भैरमगढ़ सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र रहे. हालात सामान्य होने के बावजूद प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं. राहत शिविरों में राशन और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया. बाढ़ से क्षतिग्रस्त स्कूल, आंगनबाड़ी और छात्रावासों की मरम्मत प्राथमिकता में रहेगी. पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई को सड़क और पुल-पुलियों की मरम्मत तेज करने के निर्देश मिले हैं. स्वास्थ्य विभाग को मलेरिया, डेंगू और जलजनित बीमारियों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया. बाढ़ कंट्रोल रूम को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए हैं. कलेक्टर ने राहत एवं बचाव कार्य में जुटी टीमों की सराहना की. प्रशासन का कहना है कि मानसून खत्म होने तक पूरी सतर्कता बरती जाएगी.

बारिश थमी तो बढ़ी किसानों की चिंता, धान के खेतों में पड़ने लगी दरारें
जगदलपुर.
दो सप्ताह पहले हुई अच्छी बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली थी. बारिश के बाद धान की रोपाई और बियासी का काम तेजी से पूरा हुआ. लेकिन अब बारिश थमने से खेतों की नमी तेजी से कम होने लगी है. टिकरा खेत सूख रहे हैं और कई जगह मिट्टी में दरारें दिखाई देने लगी हैं. तेज धूप के कारण धान की बढ़वार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है. संभाग के अधिकांश जिलों में सामान्य वर्षा दर्ज हुई है. हालांकि कांकेर जिला अब भी सामान्य बारिश से करीब 28 प्रतिशत पीछे है. मौसम विभाग ने फिलहाल व्यापक भारी बारिश की संभावना नहीं जताई है. यदि अगले एक सप्ताह तक अच्छी बारिश नहीं हुई तो खेती पर असर बढ़ सकता है. किसानों की चिंता है कि मेहनत से लगाई गई फसल संकट में पड़ सकती है. खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर होने से नजर अब आसमान पर टिकी है. बारिश की अगली खेप किसानों के लिए राहत या परेशानी तय करेगी.

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!