सतना। पदोन्नति, वेतनमान और ग्रेड पे की मांग को लेकर जिले के पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रही। जिला मुख्यालय पर एकत्र होकर पटवारियों ने शासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और प्रेसवार्ता के माध्यम से अपनी मांगों को दोहराते हुए सरकार पर पटवारी संवर्ग की उपेक्षा का आरोप लगाया।
पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मध्य प्रदेश में एक पटवारी जिस पद पर नियुक्त होता है, वह लगभग 30 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद भी बिना पदोन्नति के उसी पद से सेवानिवृत्त होने को मजबूर रहता है। उनका कहना है कि अन्य विभागों के कर्मचारियों को समय-समय पर क्रमोन्नति और पदोन्नति का लाभ मिलता है, जबकि पटवारी संवर्ग वर्षों से इससे वंचित है।

संघ ने 2800 रुपये ग्रेड पे लागू करने, वेतनमान में सुधार और पदोन्नति की स्पष्ट व्यवस्था की मांग दोहराई। उनका कहना है कि डिजिटल रिकॉर्ड, ऑनलाइन गिरदावरी, भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण और अन्य नई व्यवस्थाओं के कारण कार्यभार लगातार बढ़ा है, लेकिन वेतन और सुविधाओं में कोई समानुपातिक बढ़ोतरी नहीं हुई।

हड़ताल का असर जिले की राजस्व व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। आय, जाति और मूल निवासी प्रमाण-पत्रों के आवेदन लंबित हो रहे हैं। वहीं नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अन्य राजस्व संबंधी कार्य भी प्रभावित हैं, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पटवारी संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर लिखित एवं ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। अब सभी की नजर शासन और पटवारी संघ के बीच संभावित वार्ता पर टिकी है।









