सतना। जिले के जसो थाना क्षेत्र के अमकुई गांव में 20 वर्षीय अतुल कुशवाहा की हत्या के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को भी बड़ी संख्या में लोग नागौद स्थित एसडीओपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे रहे। परिजनों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, मामले की उच्च स्तरीय जांच, थाना प्रभारी और बीट प्रभारी के निलंबन तथा आर्थिक सहायता की मांग करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने एक संदेही को हिरासत में लिया है, जबकि हत्या में 3 से 4 अन्य लोगों की भी भूमिका है। उनका कहना है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पुलिस जांच में घटनास्थल से करीब 40 फीट दूर खून से सना पत्थर, झाड़ियों पर खून के छींटे और एक पतली तार बरामद हुई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार आशंका है कि पहले अतुल का तार से गला घोंटा गया और उसके बाद सिर पर पत्थर से वार कर हत्या की गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या के बाद शव को घसीटकर झाड़ियों में फेंका गया था। शव के ऊपर मिली बोरी पर भी खून के निशान पाए गए हैं। पुलिस का मानना है कि बोरी का इस्तेमाल शव को छिपाने के बजाय उसे घसीटने के लिए किया गया होगा। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नागौद और अमकुई गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आसपास के थानों के साथ पुलिस लाइन से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया है।
गौरतलब है कि मंगलवार को शव मिलने के बाद जसो और नागौद क्षेत्र में करीब साढ़े चार घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। सुरक्षा कारणों से पोस्टमार्टम नागौद के बजाय जिला अस्पताल में कराया गया। मंगलवार देर रात तक एसडीओपी कार्यालय के बाहर धरना चलता रहा, जिसे पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद अस्थायी रूप से स्थगित किया गया था। हालांकि बुधवार को परिजन फिर धरने पर बैठ गए और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।









