Edition

राजस्थान में अंगदान जागरूकता अभियान तेज, राज्यपाल ने लोगों से आगे आने की अपील की

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

जयपुर
 राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि “अंगदान” मानवता के लिए अपने आपको समर्पण करने से जुड़ा महादान है। उन्होंने कहा कि अंगदान की सबसे बड़ी बाधा मनुष्य के भीतर का डर है। इसे भगाने और इस सम्बन्ध में लोगों को प्रेरित किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज में अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का आह्वान किया है।

राज्यपाल बागडे सोमवार को राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में 'अंगदान' जागरूकता कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारे देश में किडनी का सफल प्रत्यारोपण एक दिसम्बर 1971 को तमिलनाडु में हुआ। उन्होंने इतने वर्ष पहले अंग प्रत्यारोपण होने के बावजूद अंगदान के प्रति जागरूकता नहीं होने पर चिंता जताई और कहा कि अंगदान दिवस मनाने की बजाय इसे एक आंदोलन मानकर क्रियान्वित किया जाए। राज्यपाल ने अंगदान के साथ स्वास्थ्य जागरूकता के लिए भी अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हम घर में एक दिन पहले बनी रोटी नहीं खाते परन्तु बाजार से पुरानी बनी ब्रेड खरीदकर खा लेते हैं। उन्होंने खान पान की आदतों में सुधार किए जाने और व्यसन मुक्त समाज के निर्माण पर जोर दिया।

राज्यपाल ने आरम्भ में उन सभी महान आत्माओं को भी श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने अपना अंग दान कर दूसरों को नया जीवन दिया है। उन्होंने सभी को अंगदान की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि हमारे देश में हर वर्ष लाखों लोग विभिन्न अंगों की आवश्यकता के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। किडनी, लिवर, हृदय और फेफड़ों की मांग आज भी सर्वाधिक है। पर उपलब्धता बहुत कम है। इस दृष्टि से अंगदान का यह महत्व समझाया जाना जरूरी है कि इससे हम किसी अन्य व्यक्ति की जिंदगी में नई उम्मीदों का सवेरा ला सकते है।

राज्यपाल ने कहा कि भारत में प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख लोग अंग प्रत्यारोपण नहीं होने से अपनी जांन गंवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे यहां अंग प्रत्यारोपण करने की सुविधाएं अच्छी है लेकिन यहाँ पर अंगदान करने वालों की संख्या अभी भी बहुत ही कम है। उन्होंने अंगदान की प्रेरणा के साथ—साथ अंगदान से जुड़ी सेवाओं का भी प्रदेश में विस्तार करने और सभी अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण संबंधी उपकरणों की व्यवस्था प्रभावी रूप में किए जाने पर जोर दिया।

इससे पहले राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, जयपुर के कुलगुरु प्रो. प्रमोद येवले और राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने अंगदान के महत्व और आयोजन से जुड़े सरोकारों के बारे में जानकारी दी। राज्यपाल ने अंगदान जागरूकता के लिए महत्वपूर्ण प्रयास करने वाले चिकित्सकों और "अंगदान" जागरूकता प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!