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मध्य प्रदेश में फिर बदला मौसम, कई जिलों में बारिश की वापसी; IMD ने जारी की नई चेतावनी

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भोपाल 

 मध्य प्रदेश के अंदर मौसम विभाग (Meteorological Department) के द्वारा 12 सितंबर से लेकर 17 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई थी. उसका असर मंगलवार से दिखाई देने लगा है. कई जिलों में भारी बारिश (MP Rain) का दौर जारी है और नदी नाले उफान पर हैं, सड़के जलमग्न हो गई है. पिछले कुछ दिनों से सुस्त पड़ा मानसून एकबार फिर एक्टिव हो गया है लेकिन इसके साथ ही लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत भी मिल गई है. मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में निम्न दाबाव का क्षेत्र बनने के कारण 12 से लेकर 17 सितंबर के बीच प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बारिश का दौर रहने की संभावना बताई जा रही थी। 

खोले गए तवा डैम के चार गेट 
बंगाल की खाड़ी में बन रहे इस सिस्टम के चलते मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी हो गया. राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में रात भर से रुक-रुक कर बारिश हो रही है. भोपाल में तो सुबह से जोरदार बारिश हो रही है और कई जगह सड़कें तालाब बन गईं हैं. लगातार बारिश के चलते नर्मदा पुरम के तवा डैम के चार गेट खोल दिए गए हैं. तवा डैम के गेट खुलते से नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है. इसी तरह सीहोर, रायसेन, डिडौंरी और छिंदवाड़ा में भी रातभर से भारी बारिश का दौर रुक रुककर जारी है। 

मौसम वैज्ञानिक ने क्या बताया
मौसम वैज्ञानिक एमएस तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश में दो सिस्टम बने हुए हैं. हालांकि ज्यादा बारिश नहीं होने से जुलाई और अगस्त की तुलना में 15% बारिश भी नहीं हो सकी थी जिसके चलते मौसम विभाग ने इस महीने ज्यादा बारिश नहीं होने की उम्मीद जताई थी. हालांकि अभी दो और सिस्टम बनने की उम्मीद है जिसमें  से एक 17 सितंबर तक बनने की संभावना है. हालांकि उससे भी ज्यादा पानी गिरने की संभावना नहीं है। 

फसल को हो सकता है नुकसान
मौसम विभाग ने शुरुआती 7 दिन जहां जहां बारिश का अलर्ट जारी किया था उनमें से एक दो जगह को छोड़कर कहीं भी ज्यादा बारिश नहीं हुई. जहां सिर्फ गरज चमक की चेतावनी जारी की गई थी वहां जमकर बारिश हुई. मध्य प्रदेश में बारिश के चलते जिन किसानों ने जल्दी पकने वाली वैरायटी की सोयाबीन बोए थे वह अब तैयार होने लगे हैं. खेत में सोयाबीन पूरी तरह से सूखकर कटाई के लिए तैयार स्थिति में है. अब निंरतर बारिश हुई तो किसानों के लिए मुसीबत का कारण बन सकती है. किसानों ने बताया कि इस बार पहले अतिवृष्टि से सोयाबीन फसल को काफी नुकसान हुआ और अगर बारिश इसी तरह हुई तो नुकसान का दायरा  बढ़ेगा इससे किसान मायूस और चिंतित नजर आ रहे हैं। 

नाले में बहा बाइक सवार, ग्रामीणों ने बचाया 
छिंदवाड़ा जिले के सौंसर में लगातार बारिश होने से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं जिससे ग्रामीण क्षेत्र के मार्ग बंद रहे. इस दौरान देवी और बड़ोस के बीच उफनता नाला पार करते समय एक बाइक सवार बहने लगा जिसे ग्रामीणों ने बचा लिया. वहीं सौसर और बहुआ ब्लॉक की सीमा से लगे 15 गांवों का रास्ता तीन नाले के कारण सोमवार रात से मंगलवार की दोपहर तक नहीं खुल सका जिससे आवागमन बंद था. यही स्थिति पीपल से कोपरावाड़ी मार्ग पर जाम नदी के रपटे पर रही. छिंदवाड़ा-नागपुर मार्ग पर स्थित गहरवाला भी उफान पर रहा। 

Aditya
Author: Aditya

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