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बिजली के खंभों पर चोरों का कब्जा! सिंगरौली में बेखौफ गिरोह सक्रिय, कार्रवाई के अभाव में बार-बार हो रही सरकारी संपत्ति की चोरी….

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THDC की चालू ट्रांसमिशन लाइन से 8 लोहे के पोल चोरी, पहले भी हुई घटनाओं के बावजूद नहीं थम रहा अपराध!

स्थानीय लोगों ने कबाड़ी नेटवर्क और जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता पर उठाए सवाल।

सिंगरौली। जिले के खुटार चौकी अंतर्गत चितरबैर गांव में एक बार फिर सरकारी संपत्ति पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया। इस बार केंद्रीय सरकारी कंपनी THDC की ट्रांसमिशन लाइन से आठ लोहे के बिजली पोल चोरी होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि संबंधित लाइन करीब एक वर्ष पहले ही पूरी होकर चालू हुई थी, इसके बावजूद चोरों ने बेखौफ होकर सरकारी संपत्ति को निशाना बना लिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले बंधौरा क्षेत्र में 33 केवी लाइन निर्माण के दौरान भी छह बिजली पोल चोरी हुए थे। उस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि चोरी का सामान खरीदने वाले कबाड़ी नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते चोरों के हौसले और बढ़ गए।

ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारी संवेदनशील स्थानों की निगरानी और सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं। वहीं पुलिस की नियमित गश्त और निगरानी भी पर्याप्त नहीं होने से सरकारी संपत्ति लगातार चोरों के निशाने पर है। लोगों का कहना है कि यदि चोरी का माल खरीदने वालों पर कड़ी कार्रवाई होती और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी रखी जाती, तो ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता था।

लगातार हो रही बिजली पोल चोरी की घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सरकारी संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है। फिलहाल स्थानीय नागरिक संबंधित विभागों और पुलिस प्रशासन से दोषियों पर कठोर कार्रवाई तथा चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।

यदि तथ्य अभी सिद्ध नहीं हुए हैं, तो प्रशासनिक अधिकारियों पर सीधे आरोप लगाना उचित या कानूनी रूप से सुरक्षित नहीं होगा। आप सवाल उठाने वाली भाषा में इसे इस तरह लिख सकते हैं,

बड़ा सवाल… लगातार सरकारी बिजली पोल चोरी होने की घटनाएं प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। चालू लाइन से कई घंटों तक पोल काटे जाते रहे, लेकिन न पुलिस को भनक लगी और न ही विजली विभाग सतर्क हुआ। आखिर ऐसी लापरवाही क्यों? क्या जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी या सरकारी संपत्ति की चोरी यूं ही जारी रहेगी?

स्थानीय लोगों का आरोप…. स्थानीय लोगों का दावा है कि बिना प्रशासनिक मिलीभगत के इतनी बड़ी चोरी संभव नहीं है। उनका कहना है कि चालू बिजली लाइन से लोहे के पोल काटने में घंटों लगते हैं। पूरी रात वारदात होती रही, लेकिन किसी जिम्मेदार विभाग को भनक तक नहीं लगी। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।

खतरे की अनदेखी… फोटो में स्पष्ट दिख रहा है कि पोल काटे जाने के बाद बिजली लाइन जमीन के बेहद करीब लटक रही है। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। 

स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि जिम्मेदार विभाग अब भी स्थिति की गंभीरता को नजरअंदाज कर रहा है…

Amit Mishra
Author: Amit Mishra

Group Editor, Rewanchal Roshni News Group

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