पूज्य युवराज स्वामी ने दीप प्रज्वलित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ, साधु-संतों और समाजजनों की उपस्थिति में हुआ सम्मान…

सतना। शासकीय प्राथमिक शाला महदेवा के प्रधानाध्यापक आलोक त्रिपाठी 31 जुलाई 2026 को 39 वर्षों की गौरवपूर्ण शैक्षणिक सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में आयोजित भव्य विदाई एवं सम्मान समारोह भावनात्मक वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ पूज्य स्वामी युवराज जी महाराज द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद श्री त्रिपाठी ने पूज्य युवराज स्वामी से आशीर्वाद प्राप्त कर अपने शिक्षकीय जीवन के अनुभव साझा किए।

समारोह में जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षाविद, समाजसेवी, साधु-संत एवं बड़ी संख्या में पूर्व छात्र और नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने आलोक त्रिपाठी को पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह एवं शॉल-श्रीफल भेंट कर सहपरिवार सम्मानित किया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने चार दशकों तक शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी विद्यार्थियों में विकसित किया।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मारकुंडी के त्रिपाठी परिवार से संबंध रखने वाले आलोक त्रिपाठी, रेलवे के पूर्व वरिष्ठ नियंत्रक स्वर्गीय श्रवण लाल त्रिपाठी के बड़े पुत्र हैं। वे मां महिमा राज्यपाल सम्मान से भी सम्मानित हो चुके हैं। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके द्वारा पिछले चार वर्षों में लगाए गए लगभग 3,000 पौधे आज हरियाली का संदेश दे रहे हैं। वहीं धार्मिक प्रवृत्ति के चलते वे धवारी स्थित मंदिर परिसर में नियमित रूप से श्रद्धालुओं को खिचड़ी-खीर का प्रसाद वितरित करते रहे हैं।
समारोह के समापन के बाद परिजनों, संबंधियों और श्री त्रिपाठी के स्नेहियों ने गाजे-बाजे और पुष्पवर्षा के साथ उन्हें विद्यालय से उनके धवारी स्थित निवास तक पहुंचाया। घर पहुंचने पर पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए, जहां उन्होंने पुनः पूज्य युवराज स्वामी एवं अन्य संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
महदेवा विद्यालय में आयोजित यह विदाई समारोह केवल एक शिक्षक की सेवानिवृत्ति नहीं, बल्कि शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, समाजसेवा और धार्मिक संस्कारों से जुड़े एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व को समाज द्वारा दिया गया सम्मान बनकर यादगार बन गया।










